इंदौर। डेली कॉलेज बोर्ड को बुधवार को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। इससे पहले सिंगल बेंच ने रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी तथा पुलिस अधीक्षक साइबर सेल को 15 दिन में जांच के निर्देश दिए थे। आज हुई सुनवाई में डिवीजनल बेंच ने जांच के उस आदेश को रद्द कर दिया है।
डेली कॉलेज बोर्ड द्वारा प्रस्तु रिट अपील की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी ने की। हाई कोर्ट ने रिट अपील को आंशिक रूप स्वीकार करते हुए इस याचिका का निपटारा किया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा क सिंगल जज द्वारा Annexure P-11 की विस्तृत जांच करने और Annexure P-9 पर साइबर सेल के पुलिस अधीक्षक को दिए गए निर्देशों को रद्द किया जाता है। सिंगल जज याचिकाकर्ता और अपीलकर्ताओं को सुनवाई का मौका देने के बाद निर्देशों के लिए की गई उस मांग पर फिर से विचार करेंगे। विवादित आदेश में शामिल अन्य हिस्से/निर्देश वैसे ही बने रहेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि उस राहत पर फिर से विचार करने के लिए रिट याचिका को सिंगल जज के समक्ष रखा जाए।
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इससे पहले सिंगल बेंच ने दिया था यह आदेश
इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने हाईकोर्ट ने यह आदेश संस्थापक दाता श्रेणी के सदस्य नरेंद्र सिंह बिड़वाल द्वारा दायर याचिका पर पारित किया था। हाईकोर्ट नेरजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी तथा साइबर क्राइम पुलिस को 15 दिन में विस्तृत जांच कर कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। कोर्ट ने बोर्ड से कहा है कि इस केस का फैसला होने तक कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले। कोर्ट ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया था कि वे याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर विस्तृत जांच करें और उक्त चुनाव से संबंधित सभी संबंधित पक्षों की सुनवाई करने के बाद एक विस्तृत निष्कर्ष सहित अपनी रिपोर्ट, 15 दिनों की अवधि के भीतर, निश्चित रूप से इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें। यह भी निर्देश दिया जाता है कि चूंकि याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायतों के संबंध में पुलिस अधीक्षक, साइबर सेल के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई है। इसलिए पुलिस अधीक्षक, साइबर सेल को भी निर्देश दिया जाता है कि वे आज से 15 दिनों की अवधि के भीतर, निश्चित रूप से एक सीलबंद लिफाफे में, अपनी रिपोर्ट इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।



