भागीरथपुरा के गंदे पानी के जख्म पर मरहम लगाने की कोशिश, अफसरों और जनप्रतिनिधियों की बैठक में कई घोषणाएं, मंत्री ने किया स्थिति सामान्य होने का दावा

0
0
भागीरथपुरा के गंदे पानी के जख्म पर मरहम लगाने की कोशिश, अफसरों और जनप्रतिनिधियों की बैठक में कई घोषणाएं, मंत्री ने किया स्थिति सामान्य होने का दावा
भागीरथपुरा के गंदे पानी के जख्म पर मरहम लगाने की कोशिश, अफसरों और जनप्रतिनिधियों की बैठक में कई घोषणाएं, मंत्री ने किया स्थिति सामान्य होने का दावा

इंदौर। भागीरथपुरा के गंदे पानी पर शनिवार को भी मंथन जारी रहा। भोपाल और इंदौर के वरिष्ठ अफसरों के साथ जनप्रतिनिधियों ने बैठक की। इसमें भागीरथपुरा की जनता को राहत पहुंचाने के लिए कई फैसले भी लिए गए। बैठक में बताया गया कि भागीरथपुरा के 30 प्रतिशत क्षेत्र में जल्द ही नर्मदा जल सीधे उपलब्ध कराया जाएगा। अभी शेष 70 प्रतिशत क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध नर्मदा जल की आपूर्ति की जाएगी। टैंकर का पानी शुद्ध है, फिर भी नागरिकों को उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य की दृष्टि से स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और वह नियंत्रण में है। वर्तमान में कोई भी गंभीर (सीरियस) मामला सामने नहीं है। इसके बावजूद एहतियातन भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण कराये जाने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है। क्षेत्र के लगभग 50–60 हजार नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु संपूर्ण स्वास्थ्य दल तैनात रहेगा। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की समस्या पाई जाती है तो तत्काल उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा। प्रभावित नागरिकों को स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए जाएंगे। नागरिकों की अनेक तरीके की जांचें नि:शुल्क की जाएगी।

जल आपूर्ति सुधार के लिए कार्ययोजना

बैठक में बताया गया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन का कार्य प्रगति पर है। लगभग 30 प्रतिशत क्षेत्र में पाइपलाइन डाली जा चुकी है और उसकी टेस्टिंग भी पूर्ण हो चुकी है। जल के सैंपल लेकर निरंतर जांच की जा रही है। पूरी तरह पीने योग्य होने की पुष्टि के बाद तीन दिन के भीतर नर्मदा का पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। भागीरथपुरा में 114 शासकीय एवं 80 से अधिक निजी ट्यूबवेल हैं। जल परीक्षण में पानी पीने योग्य नहीं पाए जाने पर सभी ट्यूबवेल में क्लोरीनेशन कराया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि ट्यूबवेल का पानी पीने में उपयोग करें, केवल साफसफाई अन्य घरेलू कार्यों में ही लें।

पूरे शहर में करेंगे पानी के गुणवत्ता की निगरानी

बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर में पेयजल की गुणवत्ता पर सतत एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी। नगर निगम की सभी 105 जल टंकियों पर सुदृढ़ जल जांच व्यवस्था लागू होगी। प्रतिदिन विभिन्न स्थानों से सैंपल लेकर जांच की जाएगी, ताकि प्रदूषण की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके। जांच और गुणवत्ता की मॉनीटरिंग के लिये विशेष सेल भी बनाया जाएगा। अब शहर में नए बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि नए बोरिंग में पेयजल से जुड़ी समस्याएं अधिक सामने रही हैं।

अब नगर निगम के खाली पदों की भी आई याद

भागीरथपुरा की घटना के बाद सरकार को अब नगर निगम में खाली पड़े पदों की भी याद आ गई है। बैठक में बताया गया कि नगर निगम में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने के लिए अभियान चलाकर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए डेपुटेशन एवं सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने तथा एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए गए।

मंडलोई ने बताया-सीएम लगातार कर रहे मॉनीटरिंग

बैठक में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भी भागीरथपुरा क्षेत्र की स्थिति की लगातार समीक्षा और मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि इंदौर में विकास कार्यों और शुद्ध पेयजल उपलब्धता के लिए सभी आवश्यक मदद दी जायेगी। किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here