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अगरतला। भारत–बांग्लादेश सीमा पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) युक्त कैमरे से निगरानी की जा रही है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से इन विशेष कैमरों का उपयोग सुरक्षा बढ़ाने और घुसपैठियों की रोकथाम के लिए किया जा रहा है। बीएसएफ के अधिकारियों का कहना है कि कैमरे और चेहरे की पहचान करने वाले उपकरणों सहित अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है। इससे घुसपैठ, अपराध और अन्य अवैध गतिविधियों को रोका जाएगा।
तस्करों पर नकेल के लिए अभियान
बीएसएफ के त्रिपुरा फ्रंटियर के महानिरीक्षक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि संवेदनशील सीमा चौकियों पर जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में दलालों और तस्करों के नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान शुरू किए गए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘बीएसएफ की ऐसी सभी गतिविधियों के खिलाफ शून्य–सहिष्णुता की नीति है और फील्ड कमांडरों को दलालों को पकड़ने के लिए खुफिया–आधारित अभियान शुरू करने के लिए कहा गया है।‘
मुख्यमंत्री ने दिए सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी बीएसएफ को निर्देश दिया कि घुसपैठ पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में भारत–बांग्लादेश सीमा पर अपनी निगरानी बढ़ा दी जाए। बीएसएफ ने रविवार को कहा कि उसने सीमा पर अपनी सुरक्षा और कड़ी कर दी है। इसके अलावा अतिरिक्त टीमों को गहन क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है और राज्य पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।



