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केंद्र और त्रिपुरा सरकार ने विद्रोही संगठनों के साथ किया शांति समझौता
केंद्र और त्रिपुरा सरकार ने त्रिपुरा के विद्रोही संगठनों नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के साथ शांति समझौता किया.यह समझौता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुआ.
अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, शांति और प्रगति की दिशा में त्रिपुरा के लिए आज एक नई शुरुआत है.उन्होंने कहा, एनएलएफटी और एटीटीएफ 35 साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त कर, मुख्यधारा में लौटने और विकसित त्रिपुरा के निर्माण के लिए तैयार हुए हैं.
वहीं टिपरा मोथा पार्टी के नेता प्रद्योत किशोर देब बर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, इस शांति समझौते को 328 लोगों ने साइन किया है. 170 लोग जो अभी बाहर हैं वो भी शायद कुछ दिनों में लौट आएंगे.उन्होंने पीटीआई से कहा, हमारी बात अभी तक बहुत ही कम लोगों ने सुनी थी, आज हम खुश हैं कि भारत सरकार ने हमारी बात सुनी.
हम भी देश से प्यार करते हैं, हमें भी मुख्यधारा में आना था. इस बात को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने एनएलएफटी और एटीटीएफ के नेताओं के साथ शांति समझौता किया है.
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