राहुल की हर विदेश यात्रा पर क्यों मचता है बवाल, इस बार तो भारत विरोधी सांसद से भी कर ली मुलाकात-हरीश फतेहचंदानी

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जब भी विदेश यात्रा पर जाते हैं, कुछ ना कुछ ऐसा कर देते हैं कि भारत में उनकी आलोचना होने लगती है। भाजपा सहित अन्य दल जहां उन पर निशाना साधते हैं, वहीं आम जनता में भी कोई बहुत अच्छा मैसेज नहीं जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राहुल चर्चा में बने रहने के लिए ऐसा करते हैं। लोगों का मानना है कि विदेश में दिए उनके बयानों से कांग्रेस का कोई फायदा नहीं होता। इस दौरे में एक भारत विरोदी अमेरिकी सांसद से मुलाकात कर तो उन्होंने हद ही कर दी।

राहगुल गांधी ने अमेरिका दौरे के दौरान हर दिन सुर्खियां बटोरने की कोशिश की है। वर्जीनिया के हर्नडॉन में एक कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस कुछ धर्मों, भाषाओं और समुदायों को अन्य की तुलना में कमतर मानता है। टेक्सास विश्वविद्यालय में उन्होंने कह दियापश्चिम में रोजगार की समस्या है। भारत में रोजगार की समस्या है, लेकिन दुनिया के कई देशों में रोजगार की समस्या नहीं है। चीन में निश्चित रूप से रोजगार की समस्या नहीं है। वियतनाम में रोजगार की समस्या नहीं है। राहुल ने दावा किया कि पश्चिम, अमेरिका, यूरोप और भारत ने उत्पादन के विचार को त्याग दिया है और इसे चीन को सौंप दिया है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत में कौशल रखने वाले लोगों के लिए सम्मान नहीं है।

भारत विरोधी सांसद से की मुलाकात

भारत की लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने रेबर्न हाउस ऑफिस बिल्डिंग में हुई एक बैठक में इल्हान उमर समेत कई अमेरिकी सांसदों के साथ मुलाकात की। इल्हान उमर एक अमेरिकी सासंद और डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता हैं। वे एक अफ्रीकी शरणार्थी हैं, जो चुनाव जीतकर अमेरिका की संसद में पहुंची हैं। वे हमेशा कश्मीर और खालिस्तान को अलग देश बनाए जाने वाली मांग का समर्थन करती रही हैं। इल्हान 2022 में पीओके के दौरे पर भी गई थीं। अमेरिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक इल्हान के इस दौरे के लिए फंडिंग पाकिस्तान ने की थी। इल्हान ने सीनेट में पीएम मोदी के भाषण का बहिष्कार भी किया था।

आरक्षण वाले बयान पर देनी पड़ी सफाई

वाशिंगटन डीसी में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने आरक्षण को लेकर कहा कि कांग्रेस तभी आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेगी, जब देश में सभी को समान अवसर मिलने लगेंगे और फिलहाल भारत में ऐसी स्थिति नहीं है। इस पर इतना विवाद हुआ कि राहुल को यह कहना पड़ा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।

ब्रिटेन की यात्रा में यही सब हुआ था

पिछले साल मार्च में राहुल गांधी ने ब्रिटेन की यात्रा की थी। उस समय उन्होंने भारत में लोकतंत्र पर खतरा बता दिया था। राहुल ने खुद की जासूसी करवाने का आरोप भारत सरकार पर लगाया। उन्होंने कहा कि भारत की सभी संस्थान सरकार के कब्जे में हैं। मीडिया और न्यायालयों पर भी सरकार का नियंत्रण है।

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