सीएम के प्रभारी बनने के बाद इंदौर के विकास को लगे पंख, आईडीए ने पहली बार समय से पहले काम पूरा कर रचा इतिहास

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इंदौर। जब से सीएम डॉ.मोहन यादव इंदौर के प्रभारी बने हैं तब से यहां के विकास को जैसे पंख लग गए हैं। इंदौर के इतिहास में शायद पहली बार इंदौर विकास प्राधिकरण ने समय सीमा से पहले दो फ्लाईओवर पूरे कर लिए हैं। 14 अक्टूबर को सीएम यादव इंदौर की जनता को इसकी सौगात देने जा रहे हैं। इसमें संभागायुक्त और वर्तमान आईडीए अध्यक्ष दीपक सिंह और आईडीए सीईओ आरपी अहरिवार का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है, जिन्होंने अपने अनुभव और कुशलता से इस काम को अंजाम तक पहुंचाया।

उल्लेखनीय है कि इंदौर में जब भी कोई प्रोजेक्ट शुरू होता है तो उसकी समय सीमा पर सवालिया निशान उठ खड़े होते हैं। बीआरटीएस से लेकर शहर में बने अधिकांश ओवरब्रिज, फ्लाईओवर की समय सीमा कई बार बढ़ानी पड़ी। आईडीए के खाते में सबसे अधिक समय में बनने वाला केसरबाग ओवरब्रिज भी है। इस ब्रिज की समय सीमा इतनी बार बढ़ाई गई थी कि इंदौर की जनता के साथ ही आईडीए के अधिकारियों को भी लगने लगा था कि यह ब्रिज पूरा ही नहीं होगा। अब जबकि भंवरकुआ और फूटी कोठी फ्लाईओवर अपनी समय सीमा 31 अक्टूबर से पहले ही तैयार हो चुके हैं, शहर की जनता को सुखद आश्चर्य लग रहा है।

कैसे मिली इन कामों को गति

यहां सवाल यह है कि आखिर आईडीए ने इतनी तेज रफ्तार से कैसे काम कर लिया? इसके जवाब की जब तलाश करेंगे तो इसमें वर्तमान में संभागायुक्त दीपक सिंह का नाम सबसे पहले सामने आएगा। दीपक सिंह आईडीए में सीईओ रह चुके हैं और उनके कार्यकाल में भी आईडीए के काम पूरी रफ्तार में होते थे। अब जबकि वे संभागायुक्त हैं और आईडीए के अध्यक्ष का प्रभार भी उनके पास है, उनके अनुभव और कार्यशैली ने इन दोनों प्रोजेक्ट को समय सीमा से पहले पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आईडीए और शहर के लिए एक और अच्छी बात रही कि इस दौरान आईडीए के सीईओ पद पर आरपी अहिरवार हैं। वे धुन के पक्के हैं और कोई भी काम पूरा होने तक चैन से नहीं बैठते। उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लिया और परिणाम सबके सामने है।

आईडीए सीईओ ने बताया-कैसे हुआ जादू

आईडीए सीईओ आरपी अहिरवार ने बताया कि फूटी कोठी और भंवरकुआं फ्लाईओवर का जब काम शुरू हुआ था, तभी से इस बात का ध्यान रखा गया कि इन दोनों व्यस्त चौराहों पर जल्दी से जल्दी काम पूरी किया जाए। फरवरी 2023 में फूटी कोठी फ्लाईओवर का काम शुरू हुआ था। भंवरकुआं फ्लाईओवर का काम अक्टूबर 2022 में शुरू हुआ। सबसे बड़ी चुनौती थी भंवरकुआं चौराहे के व्यस्त ट्रैफिक में काम करना। यहां कई कोचिंग संस्थान, यूनिवर्सिटी और कॉलेज हैं। बच्चों का दिन भर आना-जाना बना रहता है। ऐसे में काम की पूरी प्लानिंग की गई। गर्मी में रात में ज्यादा काम कराया गया, वहीं सर्दियों में दिन में ज्यादा काम हुआ। बरसात में भी पॉलिथीन ढंक कर काम किया गया। इसी का नतीजा है दोनों 6 लेन फ्लाईओवर समय सीमा से पहले ही बनकर तैयार हो गए। फूटी कोठी के फ्लाईओवर की समय सीमा 31 अक्टूबर तय की गई थी, लेकिन 14 अक्टूबर को ही इसका लोकार्पण हो रहा है।

दो और फ्लाईओवर नवंबर तक

आईडीए सीईओ अहिरवार ने बताया कि खजराना फ्लाईओवर की एक भुजा लगभग तैयार है, दूसरी भुजा भी 95 प्रतिशत तक बन चुकी है। नवंबर में इसके लोकार्पण की तैयारी है। इसी तरह लवकुछ चौराहे पर बन रहे फ्लाईओव की एक भुजा भी नवंबर तक तैयार हो जाएगी। इन फ्लाईओवर के नीचे सौंदर्यीकरण के लिए भी आईडीए ने योजना तैयार कर रखी है। यहां आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी।

सबके सहयोग से दूर हुई बाधाएं

आईडीए सीईओ अहिरवार ने बताया कि दोनों फ्लाईओवर के निर्माण में धर्मस्थल से लेकर अन्य कई तरह की बाधाएं आईं, लेकिन सबके सहयोग से इन्हें दूर कर लिया गया। भंवरकुआं चौराहे के फ्लाईओवर में बाधक मंदिर का हिस्सा खुद मंदिर प्रबंधन ने ही हटवाया। इसी तरह खजराना तथा अन्य स्थानों पर भी लोगों का सहयोग मिला। आईडीए नया मंदिर बनाकर भी दे रहा है।

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