भोपाल। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शनिवार को भोपाल में थे। यहां रवींद्र भवन में दो दिवसीय सेमिनार का उद्घाटन करते हुए उन्होंने इंजीनियरों पर जमकर तंज कसा। गडकरी ने कहा कि डीपीआर बनाने वाले तो इतने महान लोग हैं कि इन्हें पद्मभूषण और पद्मश्री मिलना चाहिए। ये घर में बैठकर ही गूगल से प्लान तैयार कर लेते हैं।
एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने सेमिनार का शुभारंभ किया। सेमिनार सड़क और पुल निर्माण में उभरते नए ट्रेंड और तकनीकों पर केंद्रित है। सेमिनार में गडकरी ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि वे हेलीकॉप्टर से बेंगलुरू से चेन्नई एक्सप्रेस-वे देख रहे थे। तीन बड़े-बड़े टॉवर रोड पर दिखे। उसको उठाने के लिए तीन-चार सौ करोड़ खर्च हो रहे थे। मेरे साथ मध्यप्रदेश के अच्छे अधिकारी थे पांडे करके। मैंने उनसे कहा कि पांडे जी, तुमने आईआईटी पास किया है न। तुमको समझ में नहीं आता कि टॉवर से रास्ता थोड़ा सरका देते तो ये चार सौ करोड़ बच जाते। तब पांडेय ने कहा- आप सही हैं, यह गलती डीपीआर बनाने वालों की है।
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सरकारी विभागों में तालमेल नहीं
गडकरी ने सरकारी विभागों में तालमेल के अभाव का जिक्र करते हुए कहा कि कहा कि हमारे रूल ऑफ बिजनेस में लिखा है- एक अधिकारी को दूसरे से बात नहीं करना। रेलवे अलग ब्रिज बना रहा है। हम अलग बना रहे हैं। कोई और तीसरा और चौथा ब्रिज बना रहा है। सेमिनार में सड़क और पुल निर्माण की नई तकनीक, सामग्री और एग्रीमेंट प्रोसेस से जुड़े पहलुओं पर एक्सपर्ट्स अपने अनुभव और सुझाव साझा कर रहे हैं। यहां एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें सड़क और पुल निर्माण में लगने वाली नई मशीनों आदि की जानकारी दी गई है।


