इंदौर। ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताने वाले विजय शाह के मामले में कल यानी सोमवार 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। सुनवाई से पहले मंत्री शाह ने शनिवार को चौथी बार माफी मांग ली है। अब देखना यह है कि इसका असर इस केस पर पड़ता है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट मध्यप्रदेश सरकार से यह पूछ चुका है कि विजय शाह के मामले में केस चलाने की अनुमति अभी तक क्यों नहीं दी गई है। इस मामले में प्रदेश सरकार असमंजस में। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल इसको लेकर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं और सरकार ने बचाव के लिए रणनीति भी तैयार कर ली है। इस बीच परिस्थितियों को देखते हुए मंत्री विजय शाह चौथी बार माफी भी मांग चुके हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- कर्नल सोफिया मामला: मंत्री विजय शाह को SC से झटका, अभियोजन मंजूरी में दखल से इनकार
- इमरान खान का मेडिकल चेकअप: अस्पताल से फिर अदियाला जेल भेजे गए, पाकिस्तान में सियासी हलचल तेज
- नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, गंभीर अपराध में शामिल लोगों को नहीं मिलेगी राहत
- Supreme Court ने कहा-शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार, सिर्फ आंदोलन होने से लाठीचार्ज करना जायज नहीं
- मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, नाम वापसी की आखिरी तारीख आज
- इश्क करो पार्टी’ से राजनीति में एंट्री! पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू का बड़ा दांव, क्या बदल जाएगा राजनीतिक नैरेटिव?
असमंजस की स्थिति में है सरकार
प्रदेश सरकार विजय शाह के मामले में असमंजस की स्थिति में है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया है और शनिवार को मंत्री शाह ने लिखी गई माफी को पढ़कर माफी मांगी है। अब सरकार इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए कोर्ट से कुछ दिन की मोहल मांगने की तैयारी में है
चौथी बार माफी मांग चुके हैं शाह
शाह ने कहा– मैंने पहले भी कई बार कहा है, मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था कि किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज, किसी वर्ग का अपमान हो। वे शब्द निस्संदेह मेरी भावना के अनुरूप नहीं थे। वे शब्द देश भक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकले थे। गलती के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए। आप सब जानते हैं कि मेरी कोई दुर्भावना नहीं थी।
मैंने अंत:करण से क्षमा याचना की। कई बार की है। आज फिर कर रहा हूं। मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है कि मेरी छोटी से त्रुटि से ऐसा विवाद उत्पन्न हुआ। मुझे विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में देखा जाएगा। भारतीय सेना के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है और रहेगा।भविष्य में वाणी पर नियंत्रण रहेगा। ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। एक बार पुन: उस मामले में आप सभी नागरिकों से, भारतीय सेना से, सब लोगों से अंत:करण से माफी मांगता हूं।



