कोविड की उत्पत्ति पर डब्ल्यूएचओ ने चीन से मांगा डेटा, भविष्य की महामारियों के लिए पारदर्शिता जरूरी

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कोविड की उत्पत्ति पर डब्ल्यूएचओ ने चीन से मांगा डेटा, भविष्य की महामारियों के लिए पारदर्शिता जरूरी

पांच साल पहले चीन के वुहान शहर से फैली कोविड-19 महामारी पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक बार फिर चीन से इसके शुरुआती डेटा साझा करने की अपील की है। डब्ल्यूएचओ ने इसे “नैतिक और वैज्ञानिक आवश्यकता” करार दिया है।

डब्ल्यूएचओ का बयान और चीन की चुप्पी

  • डब्ल्यूएचओ ने कहा कि पारदर्शिता और वैश्विक सहयोग के बिना, भविष्य की महामारियों और संक्रमणों को रोकना असंभव होगा।

  • चीन ने डब्ल्यूएचओ के इस अनुरोध पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

वैज्ञानिकों के निष्कर्ष और विवाद

  • कई वैज्ञानिकों का मानना है कि कोविड-19 वायरस संक्रमित जानवरों से इंसानों में फैला था।

  • वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह वुहान की प्रयोगशाला से भी निकला हो सकता है।

  • सितंबर 2023 में एक वैज्ञानिक टीम ने जनवरी 2020 में वुहान से जमा किए गए सैकड़ों नमूनों का विश्लेषण कर दावा किया कि वायरस जानवरों के बाजार से फैला था।

महामारी का प्रभाव और चेतावनी

  • डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, कोविड-19 महामारी में करीब 70 लाख लोगों की जान गई, लेकिन वास्तविक आंकड़ा 2 करोड़ के करीब हो सकता है।

  • मई 2023 में कोविड-19 को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल से बाहर घोषित किया गया।

  • डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि कोविड जैसी बीमारियों के भविष्य में उभरने की संभावना बनी हुई है।

भविष्य की तैयारियों की आवश्यकता

डब्ल्यूएचओ ने इस बात पर जोर दिया कि पारदर्शिता और वैज्ञानिक साझेदारी ही महामारी की रोकथाम और उससे निपटने के लिए दुनिया को सक्षम बनाएगी। महामारी की उत्पत्ति पर सटीक जानकारी वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

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