कांग्रेस से विवादों के बीच शिवरात्रि पर शशि थरूर ने कहा-मैं शिवरात्रि के दिन पैदा हुआ, मेरा नाम शशि है, आखिर क्या दे रहे हैं संदेश?

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नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस आलाकमान से सांसद शशि थरूर की अनबन की खबरें आ रही हैं। थरूर भाजपा और पीएम मोदी की तारीफ भी कर रहे हैं, जिसका विरोध पार्टी में हो रहा है। इस बीच शशि थरूर ने महाशिवरात्रि के मौके पर अपने नाम के पीछे की कहानी शेयर की। उन्होंने बताया कि उनका जन्म महाशिवरात्रि के दिन हुआ था। इसलिए उनका नाम भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा के नाम पर शशि रखा गया। इसके साथ ही थरूर ने कांग्रेस आलाकमान के साथ अपने मतभेदों की खबरों के बीच कई संकेत भी दिए हैं।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने बताया कि मैं महाशिवरात्रि पर पैदा हुआ था और भगवान शिव के माथे पर चंद्रमा के लिए शशि नाम दिया गया था। केरल कैलेंडर में, मेरा नक्षत्र जन्मदिन आज है। यह हमेशा मेरे परिवार के लिए एक बहुत ही खास दिन रहा है। अब राजनीति में थरूर के इस बयान के भी अनेकों अर्थ लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस बहाने थरूर आलाकमान तक संदेश देना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि जब आलाकमान के नाराज होने की बात चल रही थी, तब भी शशि थरूर और दिल्ली आलाकमान के बीच अनबन की अटकलों के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और यूके के व्यापार और व्यापार राज्य सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ एक सेल्फी पोस्ट कर दी। उन्होंने लंबे समय से रुके हुए भारतयूके एफटीए वार्ता के रिवाइवल का स्वागत किया। कुछ दिन पहले केरल के सांसद ने एक रहस्यमय पोस्ट भी साझा की थी। इसमें लिखा था कि जहां अज्ञानता आनंद है, वहां बुद्धिमान होना मूर्खता है। यह पोस्ट प्रसिद्ध अंग्रेजी कवि थॉमस ग्रे का एक उद्धरण था।

हाशिए पर डालने से हैं नाराज

लंबे समय से शशि थरूर कांग्रेस में हाशिए पर हैं। थरूर ने कथित तौर पर राहुल के साथ अपनी बैठक के दौरान गठित ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रभार से हटाए जाने के तरीके पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने इस बात का भी विरोध किया कि प्रमुख बहसों के दौरान संसद के भीतर उन्हें कैसे दरकिनार किया जा रहा है। क्योंकि उन्हें अवसर नहीं दिए जा रहे हैं। इससे पार्टी से उनकी नाराजगी की बात की जा रही है। कांग्रेस नेताओं की थरूर से नाराजगी का कारण पीएम की अमेरिकी यात्रा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात के मुद्दे पर पार्टी से अलग रुख रखना है। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या थरूर कांग्रेस छोड़ेंगे? और अगर छोड़ेंगे तो कहां जाएंगे?

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