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‘एक देश, एक चुनाव’ पर उद्धव गुट की शिवसेना का भाजपा पर हमला, कहा- ‘दूसरे धर्मों के मतदाताओं को बाहर करने की साजिश’
भाजपा पर गंभीर आरोप
शिवसेना (यूबीटी) ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के मुद्दे पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि भाजपा इस प्रस्ताव के जरिए दूसरे धर्मों के मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया से दूर करने की कोशिश कर रही है।
मतदाता सूची में छेड़छाड़ का आरोप
संपादकीय में शिवसेना यूबीटी ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजना मतदाता सूची से अन्य धर्मों के लोगों को बाहर करने की है। इसका उद्देश्य कुछ खास वोटर्स को ही मतदान का अधिकार देना है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ‘एक देश, एक चुनाव’ की आड़ में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है।
ट्रंप की तुलना मोदी से
सामना में प्रकाशित संपादकीय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी उल्लेख किया गया। इसमें कहा गया कि जिस तरह ट्रंप ने अश्वेत, लैटिनो और अप्रवासियों को मतदान से रोकने की कोशिश की, उसी तरह भाजपा भी भारत में अन्य धर्मों के मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास कर रही है।
संपादकीय में लिखा गया मोदी और ट्रंप दोनों लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास नहीं रखते।”
‘श्वेत मोदी’ की संज्ञा
शिवसेना (यूबीटी) ने डोनाल्ड ट्रंप को ‘श्वेत मोदी’ करार दिया। संपादकीय में यह भी कहा गया कि भाजपा की मंशा देश में एक ही पार्टी की सत्ता स्थापित करने की है।
लोकतंत्र पर खतरे की बात
शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभ हैं, लेकिन दोनों देशों में लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होती जा रही हैं। संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा गया कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का उद्देश्य सत्ता में एकपक्षीय वर्चस्व कायम करना है।
शिवसेना यूबीटी ने केंद्र सरकार से ‘एक देश, एक चुनाव’ के प्रस्ताव पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है और विपक्षी दलों को इस मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया है।
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