यूपी के सीएम योगी ने कहा-नमाज की जगह सड़क नहीं हो सकती, कांवड़ यात्रा सड़क पर ही चलेगी

0
0
यूपी के सीएम योगी ने कहा-नमाज की जगह सड़क नहीं हो सकती, कांवड़ यात्रा सड़क पर ही चलेगी
यूपी के सीएम योगी ने कहा-नमाज की जगह सड़क नहीं हो सकती, कांवड़ यात्रा सड़क पर ही चलेगी

लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर बात की। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि क्या नमाज के नाम पर घंटों सड़क जाम करेंगे? नमाज अदा करने की जगह ईदगाह होगी, मस्जिद होगी, सड़क नहीं हो सकती है। हां, कांवड़ यात्रा सड़क पर ही चलेगी।

सीएम योगी ने कहा कि क्या हमने किसी परंपरागत मुस्लिम जुलूस को कभी रोका। मुहर्रम के जुलूस निकलते हैं। यह जरूर कहा कि ताजिए का साइज छोटा कीजिए। इसलिए करिए कि आपकी सुरक्षा रहेगी। हाइटेंशन तार नहीं बदल सकते। हाइटेंशन की चपेट में आओगे तो मर जाओगे। कांवड़ यात्रा में भी डीजे का साइट छोटा करवाया जाता है। जो नहीं करता है, उस पर कार्रवाई की जाती है। कानून सबके लिए बराबर लागू किया जा रहा है।

राजनीति मेरा पूर्णकालिक व्यवसाय नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जब पीएम पद को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं दिल से एक योगी हूं और राजनीति मेरा पूर्णकालिक व्यवसाय नहीं है। मैं मुख्यमंत्री पद पर उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा करने के लिए हूं और मैं हमेशा के लिए राजनीति में नहीं आया हूं। मेरी पार्टी भाजपा ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है उसे मैं निभा रहा हूं। मैं कब तक राजनीति में रहूंगा इसकी समय सीमा है।

राजनीति और धर्म का मिलन गलत नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति में धर्म का मिलन गलत नहीं है। ये हमारी गलती है कि हम धर्म को कुछ स्थानों के लिए सीमित कर देते हैं और राजनीति को कुछ लोगों के लिए छोड़ देते हैं। इससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। राजनीति का उद्देश्य स्वार्थों की पूर्ति करना नहीं है बल्कि समाज की भलाई करना है। इसी तरह धर्म का उद्देश्य भी परमार्थ होता है। जब धर्म का प्रयोग स्वार्थ की पूर्ति के लिए होता है तो मुश्किल आती है लेकिन परमार्थ का उद्देश्य होने पर धर्म प्रगति के मार्ग खोलता है।

धार्मिक अनुशासन का आदर्श महाकुंभ

सीएम योगी ने प्रयागराज में महाकुंभ को धार्मिक अनुशासन का एक आदर्श उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि देश से 66 करोड़ लोग प्रयागराज में आए। कहीं कोई लूटपाट या तोड़फोड़ नहीं हुई। छेड़छाड़ नहीं हुई। यही होता है धार्मिक अनुशासन। श्रद्धाभाव के साथ लोग आए, महास्नान में भागीदार बने और फिर अपने घर की ओर चले गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here