आईडीए से गायब हो गई सी-21 बिजनेस पार्क की एनओसी की फाइल, गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप से चल रही है गड़बड़ियों की जांच

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

इंदौर। तृष्णा गृह निर्माण संस्था द्वारा फर्जी तरीके से जमीन खरीदकर बने सी-21 बिजनेस पार्क की एनओसी की फाइल ही इंदौर विकास प्राधिकरण से गायब है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर शुरू हुई जांच में इस जमीन को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। सहकारिता विभाग पहले ही इस जमीन के सौदे को गलत करार देकर जांच कर रहा है, अब दूसरे विभाग भी जांच में जुटे हैं।

उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले गृह मंत्रालय के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने तृष्णा गृह निर्माण संस्था की जमीन पर बसे सी-21 बिजनेस पार्क के मामले में जांच शुरू की थी। इसमें पूरा सौदा ही फर्जी पाया गया था। जिस संस्था ने जमीन बेची, उसका पंजीयन ही निरस्त हो चुका था। सहकारिता विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा था। इस मामले में इंदौर विकास प्राधिकरण, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से लकर नगर निगम तक की भूमिका संदेह के घेरे में है।

आवक-जावक में एंट्री ही नहीं

सूत्र बताते हैं कि आईडीए से सी-21 बिजनेस पार्क की एनओसी ही गायब है। यहां तक कि आवक-जावक में भी इसकी एंट्री नहीं है। इस पूरे मामले में इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और पिंटू छाबड़ा की सांठगांठ सामने आ रही है। जिस एनओसी का जिक्र जमीन की रजिस्ट्री में की गई है और नंबर भी दिए गए हैं, उसका आईडीए से गायब होना बहुत बड़ी गड़बड़ी है। अगर लोकायुक्त में इसकी शिकायत होगी तो कई अधिकारी नपेंगे। कहीं ऐसा तो नहीं कि फर्जी एनओसी पर ही बिल्डिंग तान दी गई।

आखिर कैसे दे दी कमर्शियल की परमिशन

सी-21 मॉल बिजनेस पार्क की जमीन कृषि भूमि थी, जिसे तृष्णा गृह निर्माण संस्था से खरीदा गया। उस समय टीएनसीपी में तृष्णा और कनकेश्वरी गृह निर्माण संस्था ने आपत्ति भी ली थी, इसके बाद भी कृषि भूमि पर कमर्शियल नक्शा पास कर दिया गया। जब कि आज भी 94 पार्ट-2 और आसपास कहीं भी कमर्शियल परमिशन नहीं दी जा रही है। यह भी जांच का विषय है। रजिस्ट्री में भी मेंशन है कि संस्था की जमीन है। इसमें भी कुछ अधिकारियों की संलिप्तता आ रही है। इसको लेकर आगे लोकायुक्त में शिकायत भी होगी।

स्कीम 53 के खसरे पर बना है बिजनेस पार्क

जिस 28/2 खसरे पर यह बिजनेस पार्क बना है, वह आईडीए की स्कीम 53 का हिस्सा है। इस स्कीम को छोड़ने की अनुमति आईडीए ने अभी तक शासन से नहीं ली है। शासन के पास डिनोटिफिकेशन की कोई फाइल भी नहीं भेजी गई। आईडीए के पास अपने स्तर पर कोई स्कीम छोड़ने का अधिकार भी नहीं है, ऐसे में स्कीम की जमीन पर अनुमति मिलना जांच का विषय है।

इन मुद्दों पर जांच हो तो कई विभाग फंसेंगे

प्रशासन को इस मामले में कई मुद्दों पर जांच करनी चाहिए। पहला कि गृह निर्माण संस्था की जमीन पर कमर्शियल निर्माण कैसे हो गया, क्योंकि यह तो सदस्यों के आवास की जमीन होती है। दूसरा जब कृषि की जमीन का सौदा हुआ तो टीएनसीपी ने नक्शा कैसे पास होने दिया। जिस सड़क पर यह बिजनेस पार्क बना है, वह कमर्शियल भी नहीं है। अभी तक शहर में सिर्फ सपना-संगीता रोड और एबी रोड ही कमर्शियल घोषित हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए।

चाय व्यापारियों की जमीन फ्री होल्ड कराने की कोशिश

पिंटू छाबड़ा ने एबी रोड पर फर्जी तरीके से चाय व्यापारियों के प्लॉट को जोड़कर सी-21 मॉल बना रखा है। इसकी कई बार शिकायत हुई, लेकिन छाबड़ा के जादू में सारे विभाग मौन हो जाते हैं। आईडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब छाबडा कोशिश कर रहे हैं कि आईडीए चाय व्यापारियों की इस जमीन को फ्री होल्ड कर दे।

पिंटू छाबड़ा विकास प्राधिकरण

इंदौर विकास प्राधिकरण में जिस तरह पिंटू छाबड़ा की पैठ, उसे पिंटू छाबड़ा विकास प्राधिकरण भी कहा जाने लगा है। इसका कारण छाबड़ा जैसा चाहते हैं, आईडीए वैसा ही कर देता है। पहले चाय व्यापारियों के प्लॉट का मामला हुआ, फिर तृष्णा गृह निर्माण संस्था की जमीन का। इसके अलावा भी कई और मामले हैं।

निर्माण में भी भारी गड़बड़ी

सूत्र बताते हैं कि इस बिल्डिंग के निर्माण में भी भारी गड़बड़ी हुई है। स्वीकृत नक्शे से काफी ज्यादा निर्माण किया गया है। पूरी बिल्डिंग में ही नक्शे के विपरित निर्माण किया गया है। अगर नगर निगम इसकी जांच करे तो गड़बड़ियों का खुलासा हो।

टीएनसीपी की भूमिका संदिग्ध

इस पूरे मामले में टीएनसीपी के अधिकारियों की भूमिका काफी संदिग्ध रही है। ताज्जुब तो इस बात पर होता है कि टीएनसीपी जब इस बिल्डिंग का नक्शा पास कर रहा था, तब प्रदेश सरकार भूमाफियाओं पर कार्रवाई कर रही थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि इस तरह की गड़बड़ियों पर सरकार ने उस समय जो कार्रवाई की क्या वह गलत थी? अगर नहीं तो फिर इस बिल्डिंग को सारी अनुमति कैसे मिल गई।

रजिस्ट्री की सेल डीड पर सिद्ध के हस्ताक्षर

रजिस्ट्री की सेल डीड पर उसी राजेश सिद्ध के हस्ताक्षर हैं, जो न्याय नगर के मामले में पकड़ा गया था। लेकिन, तृष्णा गृह निर्माण संस्था के मामले में सिद्ध पर कार्रवाई इसलिए नहीं हुई, क्योंकि उसने पिंटू छाबड़ा को जमीन बेची।

लीपापोती कराने में जुटे मंत्री और अफसर

गृह मंत्रालय के आदेश पर सहकारिता विभाग में जांच तो शुरू हो गई है, लेकिन बताया जाता है कि एक मंत्री ने पिंटू छाबड़ा के पक्ष में मैदान संभाल रखा है। भोपाल में पदस्थ सहकारिता विभाग के एक बड़े अफसर नहीं चाहते कि इसकी जांच हो। इसलिए इतनी सारी गड़बड़ियां मिलने के बाद भी लीपापोती की कोशिश जारी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

दिल्ली से रायपुर जा रही इंडिगो फ्लाइट की नागपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, कई कांग्रेसी नेता सवार

दिल्ली से रायपुर जा रही इंडिगो फ्लाइट को नागपुर में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। फ्लाइट में कई कांग्रेसी नेता सवार थे। रनवे खराबी डायवर्जन की वजह बनी।

रघुवीर यादव को मिला राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान, 39वीं पुण्यतिथि पर खंडवा में समारोह

खंडवा में 39वीं पुण्यतिथि पर रघुवीर यादव को राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान मिला। यह पुरस्कार सिनेमा में उनके योगदान के लिए दिया गया।

मध्य प्रदेश में आयुष्मान घोटाला, 71 अस्पतालों के 12 करोड़ के क्लेम जांच के दायरे में

मध्य प्रदेश में आयुष्मान घोटाला उजागर, 71 अस्पतालों के 12 करोड़ के संदिग्ध क्लेम जांच के दायरे में हैं। यह मामले योजना की विश्वसनीयता को चुनौती देते हैं।

अमित शाह का राहुल गांधी पर निशाना, कहा- चुनावों में कांग्रेस लगातार हार रही है

अमित शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव हार रही है। उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी की।

यशवंत क्लब की कंस्ट्रक्शन कमेटी का दो टूक जवाब-सर्वसम्मति से पारित हुआ था प्रस्ताव, नहीं रोक सकते प्रोजेक्ट

यशवंत क्लब की कंस्ट्रक्शन कमेटी ने मास्टर प्लान को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर जवाब दिया। कमेटी ने सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों को रोकने की मांग को अस्वीकार्य बताया।

इंदौर की बदहाल सड़कों और ट्रैफिक व्यवस्था पर हाईकोर्ट नाराज, सुनवाई के दौरान उठे कई मुद्दे

इंदौर की खराब सड़कों और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने नगर निगम और विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। यातायात सुधार के लिए कई सुझाव भी दिए गए।

रजनीकांत की ‘जेलर 2’ की एडवांस बुकिंग में 22 लाख टिकट बिके, 42 करोड़ से अधिक कमाई

रजनीकांत की जेलर 2 की एडवांस बुकिंग में 22 लाख से अधिक टिकट बिक चुके हैं। कुल कमाई 42 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है।

ओवैसी का पीएम पर निशाना, कहा- पश्चिमी देशों की ‘गोरी चमड़ी’ से डरते हैं मोदी

ओवैसी ने आजमगढ़ में कहा, मेरी दाढ़ी सफेद हो गई पर मैं अभी तक सेट नहीं हुआ। उन्होंने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा।

अभिजीत दीपके ने INDI गठबंधन के प्रदर्शन का किया समर्थन, कहा देश को एकजुट होना होगा

अभिजीत दीपके ने INDI गठबंधन के प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने देश को एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तक विरोध जारी रखने को कहा।

शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल, निवेशकों के चेहरे पर खुशहाली

शेयर बाजार में तेजी से सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल आया। निवेशकों के चेहरे पर खुशहाली दिखी और बाजार पूंजीकरण बढ़ा।