अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में घुसा हथियारबंद शख्स, सीक्रेट सर्विस ने मारी गोली

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वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट मारलागो में एक हथियारबंद शख्स ने घुसने की कोशिश की। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने उसे मार गिराया है। यह फ्लोरिडा के पाम बीच पर है। यह शख्स मारलागो के सुरक्षित दायरे में घुस गया था।

बताया जाता है कि मारलागो ट्रंप का पसंदीदा रिसॉर्ट है। वह अक्सर अपना वीकेंड इसी रिसॉर्ट में बिताते हैं। घटना के समय ट्रंप व्हाइट हाउस में थे। फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी शनिवार रात व्हाइट हाउस में प्रेसिडेंट के साथ थीं। सीक्रेट सर्विस ने हथियाबंद शख्स का नाम अभी जारी नहीं किया है। सीक्रेट सर्विस के मुताबिक मारलागो के उत्तरी गेट पर उस व्यक्ति को देखा गया, जो अपने साथ एक शॉटगन (एक तरह की बंदूक) और फ्यूल कैन (ईंधन भरने का डिब्बा) लेकर आया था। सीक्रेट सर्विस के एजेंटों और पीबीएसओ के डिप्टी ने व्यक्ति का सामना करते हुए गोली चलाई। इस घटना में कोई एजेंट या पीबीएसओ कर्मचारी घायल नहीं हुआ। इसमें आगे बताया गया कि घटना के समय ऐसा कोई भी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था, जिसे सीक्रेट सर्विस सुरक्षा प्रदान कर रही हो। एफबीआई, यूएस सीक्रेट सर्विस और पीबीएसओ इस घटना की जांच कर रहे हैं, जिसमें व्यक्ति की पृष्ठभूमि, उसकी गतिविधियां, संभावित उद्देश्य और बल के इस्तेमाल की समीक्षा शामिल है। एजेंसी की नीति के अनुसार, शामिल सीक्रेट सर्विस एजेंटों को जांच के नतीजे तक प्रशासनिक छुट्टी पर रखा जाएगा।

ट्रंप पर कई बार हो चुके हैं हमले

उल्लेखनीय है कि ट्रंप पर पहले भी जानलेवा हमला हो चुका है। 13 जुलाई, 2024 को पेंसिलवेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप को निशाना बनाकर गोली चलाई गई थी। हालांकि निशाना चूक गया और गोली ट्रंप के कान को छूकर निकल गई। फिर 15 सितंबर, 2024 को, वेस्ट पाम बीच में ट्रंप के गोल्फ कोर्स के पास इंतजार कर रहे एक आदमी को राइफल के साथ पकड़ा गया। उसे इस महीने की शुरुआत में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियनम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है। तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा। संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फोर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए अपना असली चेहरा सामने ला दिया है पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस  ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए लेन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़ी। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कांग्रेस ने दरार पैदा कनरे वाली भावनाओं को हवा दी कांग्रेस ने बांटो और राज करो विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। हमने स्पष्ट किया किया सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।