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भोपाल। मिड करियर ट्रेनिंग के लिए मध्यप्रदेश कैडर के 53 आईएएस अधिकारियों का चयन किया गया है। इसमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर समेत चार जिलों के कलेक्टर और सीएम सचिवालय में पदस्थ दोनों सचिव भी शामिल हैं। यह सभी 53 अफसर सचिव व अपर सचिव कैडर के अधिकारी हैं। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी ने ऐसे अफसरों की सूची जारी कर 16 मई तक इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि अफसरों की वर्किंग एफिशिएंसी में सुधार के लिए कराए जाने वाले इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में अफसरों को तीन मौके दिए जाते हैं। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के साथ एमसीटीपी के रिव्यू के दौरान यह बात सामने आई है कि पात्रता के बाद भी किसी न किसी बहाने अधिकारी प्रशिक्षण से बच रहे हैं। इसलिए एक बार फिर ऐसे पात्र अफसरों की सूची जारी की गई है और उन्हें 16 जून से 11 जुलाई तक होने वाले एमसीटीपी के चौथे चरण की ट्रेनिंग के लिए सूचित किया गया है। इस ट्रेनिंग के लिए बुलाए गए देश भर के कुल 779 अफसरों को 16 मई तक रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा गया है। अफसरों को ट्रेनिंग में शामिल होने की सहमति 26 मई तक देने के लिए कहा गया है। इस ट्रेनिंग में 2011 बैच के अफसरों को पहला अवसर, 2010 बैच के अफसरों को दूसरा मौका और 2009 बैच के अफसरों को तीसरा प्रशिक्षण मौका दिया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2028 के पहले रिटायर हो अफसर इस ट्रेनिंग के पात्र नहीं हैं।
सूची में इन अफसरों के नाम
सूची में मुख्यमंत्री सचिवालय के दोनों सचिव सीबी चक्रवर्ती एम, टी इलैया राजा के भी नाम हैं। इसके अलावा चार जिलों के कलेक्टर आशीष सिंह इंदौर, कौशलेंद्र विक्रम सिंह भोपाल, रुचिका चौहान ग्वालियर, नेहा मारव्या सिंह डिंडोरी के भी नाम हैं। एमपीएसआईडीसी के एमडी चंद्रमौलि शुक्ला, सचिव वित्त विभाग लोकेश कुमार जाटव, एमडी एमपीआरडीसी भरत यादव, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय शिल्पा गुप्ता, संचालक कृषि अजय गुप्ता, सचिव राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल, राज्यपाल के सचिव उमाशंकर भार्गव का नाम भी प्रशिक्षण के लिए चिह्नित अफसरों की सूची में शामिल है। सूची में शामिल अफसरों को लेकर कहा गया है कि ये अधिकारी किसी न किसी कारण या बहाना बनाकर ट्रेनिंग से बच रहे हैं, जबकि वर्किंग एफिशिएंसी में सुधार के लिए यह ट्रेनिंग जरूरी है।



