पहली बार ट्रंप का कबूलनामा: भारत-पाक नेताओं ने मिलकर लिया संघर्ष रोकने का फैसला, हो सकता था परमाणु युद्ध
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने का फैसला दोनों देशों के नेताओं ने मिलकर लिया था। इससे पहले ट्रंप करीब 15 बार यह दावा कर चुके थे कि भारत-पाक संघर्ष को रोकने का पूरा श्रेय उन्हें मिलना चाहिए।

यह बयान खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद आया, जिसने क्षेत्र में हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि उस समय निर्णय सही समय पर नहीं लिया गया होता, तो स्थिति परमाणु युद्ध तक पहुंच सकती थी।
ट्रंप की इस स्वीकारोक्ति से यह साफ हो गया है कि उस तनावपूर्ण दौर में भारत और पाकिस्तान के नेताओं की भूमिका निर्णायक रही थी, न कि केवल अमेरिका की मध्यस्थता।


