नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से लगाए अपने पहले कॉल में प्रक्षेपण के अनुभव को याद किया। अंतरिक्ष से नमस्कार कर शुभांशु शुक्ला ने कहा कि उन्हें शून्य गुरुत्वाकर्षण की आदत हो रही है। उन्होंने कहा क मैं अभी भी शून्य गुरुत्वाकर्षण की आदत डाल रहा हूं, जैसे कोई बच्चा चलना सीख रहा हो, यह पता लगा रहा हो कि कैसे आगे बढ़ना है और खुद को संभालना कैसे है। मैं वास्तव में हर पल का आनंद ले रहा हूं।
शुभांशु शुक्ला ने पृथ्वी की कक्षा में अपने अनुभव को अवास्तविक और मजेदार बताया। लाइव कॉल में शुभांशु शुक्ला ने यह कहा कि यह मिशन भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम और आगामी गगनयान मिशन के लिए एक मजबूत कदम है। भारतीय तिरंगा देखकर मुझे याद आया कि आप सभी इस यात्रा में मेरे साथ हैं। यह भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम और आगामी गगनयान मिशन के लिए एक मजबूत कदम है। मैं चाहता हूं कि आप में से हर कोई इस मिशन का हिस्सा महसूस करे। यह केवल तकनीकी महत्वाकांक्षा के बारे में नहीं है। यह पूरी यात्रा के पीछे की भावना और उद्देश्य के बारे में है। अगले 14 दिनों में मेरा लक्ष्य प्रमुख कार्यों को पूरा करना और अपने अनुभवों को कैद करना है, ताकि मैं उन्हें आप सभी के साथ साझा कर सकूं।


