रामायण की पहली झलक आई सामने, राम के किरदार में नजर आ रहे हैं रणबीर कपूर, रावण के रूप में दिख रहे हैं यश

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मुंबई। एक्टर रणबीर कपूर की फिल्म रामायण का फर्स्ट लुक रिलीज कर दिया गया है। इसे प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। इसमें रणबीर कपूर राम के अवतार में नजर आ रहे हैं। वहीं रावण के किरदार में एक्टर यश दिखाई दे रहे हैं। हनुमान की भूमिका में सनी देओल नजर आएंगे।

फिल्म के पहले लुक में रणबीर कपूर को धनुषधारी योद्धा के रूप में दिखाया गया है। बैकग्राउंड में दिख रहा उदयमान सूरज और बादलों का समावेश इस पोस्टर को और भी भव्य बनाता है। फर्स्ट लुक टीजर में फिल्म की भव्यता साफ झलक रही है। राम और रावण के बीच के संघर्ष को दमदार विजुअल्स के साथ दिखाया गया है। एक सीन में रणबीर को जंगल में पेड़ पर चढ़कर धनुष चलाते हुए देखा जा सकता है। यश का रावण लुक भी काफी शक्तिशाली प्रतीत हो रहा है।

इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में हैं, वहीं सई पल्लवी मां सीता के रूप में दर्शकों का दिल जीतने को तैयार हैं। इनके अलावा सनी देओल हनुमान के अवतार में नजर आएंगे, जिनकी आक्रामकता और भावनात्मक गहराई दोनों इस किरदार को मजबूती देने वाली हैं। यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे और उनका रौबदार लुक इस बात की पुष्टि करता है कि उन्होंने इस किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। लक्ष्मण की भूमिका रवि दुबे निभा रहे हैं। रकुल प्रीत सिंह को शूर्पणखा, काजल अग्रवाल मंदोदरी और लारा दत्ता कैकई के रोल में नजर आएंगी। इस फिल्म को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में दस्तक देगा, जबकि दूसरा भाग 2027 में रिलीज होगा।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं-बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है, तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा। संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। अपना असली चेहरा सामने ला दिया है पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए, लेकिन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कांग्रेस ने दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी कांग्रेस ने बांटो और राज करो की नीति विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा देती है। हमने स्पष्ट किया किया था सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।