साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में 7-8 सितंबर को दिखाई देगा
साल का दूसरा और भारत में पहला चंद्र ग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि पर 7-8 सितंबर की रात को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और पूरे भारत में दिखाई देगा। खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी अत्यधिक है।
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इस बार का चंद्र ग्रहण समय की दृष्टि से काफ़ी लंबा होगा और हाल के वर्षों में घटित होने वाली सबसे प्रभावशाली खगोलीय घटनाओं में गिना जाएगा। चूँकि यह भारत में दृश्यमान रहेगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा।
ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार):
- प्रारंभ: रात 9:57 बजे
- मध्य: रात 11:41 बजे
- मोक्ष: रात 1:27 बजे
ग्रहण का स्पर्श, मध्य और मोक्ष पूरे भारत में दिखाई देगा। इसके अलावा यह पश्चिमी प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, पूर्वी अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में भी देखा जा सकेगा।
इस बार सूतक काल 7 सितंबर को दोपहर 12:26 बजे से शुरू होकर पूरे ग्रहण काल तक प्रभावी रहेगा।
शास्त्रों के अनुसार इस दौरान देव-प्रतिमाओं का स्पर्श, पूजा-पाठ और हवन जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं, जबकि जप और ध्यान करना कई गुना फलदायी माना जाता है।



