नई दिल्ली। रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देश की जनता को संबोधित किया। पीएम मोदी ने छठ पूजा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए इसे भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार छठ महापर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल करने के लिए प्रयासरत है।
पीएम मोदी ने कहा कि छठ पूजा एक ऐसा पावन पर्व है, जो दीपावली के बाद आता है। सूर्यदेव को समर्पित यह महापर्व बहुत ही विशेष है। इसमें हम डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं, उनकी आराधना करते हैं। उन्होंने बताया कि यह पर्व न केवल देश के विभिन्न हिस्सों में उत्साह से मनाया जाता है, बल्कि अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा।
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पीएम ने शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह हर भारतवासी और खासकर युवाओं के लिए प्रेरणा पुंज हैं। निर्भीकता उनके स्वभाव में कूट–कूटकर भरी थी। फांसी से पहले अंग्रेजों को लिखे पत्र का जिक्र करते हुए पीएम ने उनके अदम्य साहस और संवेदनशीलता की मिसाल दी। इसी तरह भारत रत्न लता मंगेशकर की जयंती पर उनके संगीतमय योगदान की सराहना की। पीएम ने कहा कि लता मंगेशकर की जयंती है। उनके गीतों में वह सब कुछ है, जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है। उन्होंने देशभक्ति के जो गीत गाए, उन्होंने लोगों को बहुत प्रेरित किया।
विजयादशमी और संघ का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि यह विजयादशमी एक और कारण से भी बेहद खास है। इस दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। एक शताब्दी की यह यात्रा जितनी अद्भुत, अभूतपूर्व और प्रेरणादायक है, उतनी ही अद्भुत भी है। उन्होंने कहा कि 100 साल पहले, जब आरएसएस की स्थापना हुई थी। तब देश सदियों से गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। सदियों से चली आ रही इस गुलामी ने हमारे स्वाभिमान और आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी. दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता पहचान के संकट से जूझ रही थी. हमारे नागरिक हीन भावना का शिकार हो रहे थे।



