देशभर में मानसूनी बारिश का कहर: भूस्खलन, बाढ़ और हादसों में बढ़ा जनहानि का आंकड़ा
मानसूनी बारिश से देशभर में बाढ़ और जलभराव का संकट गहराता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, केरल और ओडिशा तक लगातार भारी वर्षा ने हालात बिगाड़ दिए हैं। विशेषकर पहाड़ी राज्यों में तबाही का मंजर साफ दिख रहा है।

हिमाचल प्रदेश में जनहानि और तबाही
हिमाचल प्रदेश में तीन अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई।
- किन्नौर में भूस्खलन से एक युवक और युवती की मौत।
- चंबा में वाहन गिरने से तीन लोगों की जान गई।
- मणिमहेश यात्रा पर निकले पंजाब के श्रद्धालुओं की कार रावी नदी में बह गई।
राज्य में 311 सड़कें, सैकड़ों ट्रांसफार्मर और पेयजल योजनाएं ठप हो गईं। किरतपुर-मनाली फोरलेन सात जगह भूस्खलन के कारण सात घंटे बंद रहा। मंडी, कुल्लू और किन्नौर जिलों में संपर्क पूरी तरह बाधित है। मानसून सीजन में अब तक 257 लोगों की मौत बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हो चुकी है।

उत्तराखंड में राहत कार्य
उत्तरकाशी जिले के धराली और हर्षिल में राहत और बचाव कार्य जारी है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरम्मत का काम चल रहा है। भागीरथी नदी में बनी अस्थायी झील को खाली करने में सफलता मिली है, जिससे पानी का स्तर घटा है। हालांकि, सड़क पर कीचड़ और मलबा हटाने का कार्य जारी है और सड़क संपर्क अब तक बहाल नहीं हुआ।
ओडिशा और अन्य राज्यों की स्थिति
ओडिशा के कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई में भी हादसे हुए
आईएमडी का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार:
- मुंबई, कोंकण और तेलंगाना ,जम्मू, उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र, त्रिपुरा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में बारिश हुई।
- आने वाले दिनों में राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर कोटा, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और बीकानेर मंडलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना है।
मानसून की यह तेज मार देश के कई हिस्सों में भारी तबाही, जनहानि और अव्यवस्था का कारण बनती जा रही है।




