अपने काम के दम पर पहचान बनाने वाले अफसर मनीष सिंह पर फिर सीएम ने जताया भरोसा, सत्ता के साथ जनता भी करती है पसंद

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भोपाल। इंदौर में कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त सहित कई पदों पर रहे आईएएस मनीष सिंह पर एक बार फिर सीएम डॉ.मोहन यादव ने भरोसा जताते हुए जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है। मनीष सिंह की पहचान ऐसे अफसरों के रूप में होती है, जिन्होंने सिर्फ अपने काम के दम पर अपनी पहचान स्थापित की। चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी हो, डट कर उसका मुकाबला करना इनकी खासियतों में से एक है। यही वजह है कि जितने चहेते वे सत्ता के होते हैं, उतनी ही जगह जनता के दिलों में भी उनके लिए होती है।

जब से डॉ.मोहन यादव ने सत्ता संभाली है, तब से उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को काफी चुस्त और दुरूस्त रखा है। सख्त कार्रवाई करने से वे चूकते नहीं और अच्छा काम करने वाले अफसरों को हमेशा तवज्जो भी दी है। शुक्रवार की देर रात जो तबादले हुए उसने साफ जाहिर है कि सीएम ने जिसकी जहां जरूरत है, उसे वहां भेजा है। इसी तबादले में मनीष सिंह को एक बार फिर जनसंपर्क विभाग का आयुक्त बनाया गया है। वर्तमान में जनसंपर्क विभाग का दायित्व संभल रहे सीएम के खास अफसर दीपक कुमार सक्सेना को पदोन्नत करते हुए आबकारी आयुक्त, ग्वालियर की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

प्रदेश में फिर बढ़ी मनीष सिंह की भूमिका

कल की तबादला सूची में सबसे अधिक चर्चा मनीष सिंह की ही रही। सरकार ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए जनसंपर्क विभाग की कमान सौंप दी है। उनके पास जनसंपर्क विभाग का अनुभव पहले भी रहा है, ऐसे में सरकार के नीतिगत फैसलों और प्रचारप्रसार की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी। उनके पास परिवहन विभाग और जेल विभाग की जिम्मेदारी पहले की तरह बनी रहेगी। इसके अलावा, वह मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम और इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का अतिरिक्त जिम्मा भी संभालेंगे।

इंदौर को दिलाया स्वच्छता में नंबर वन का तमगा

कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि इंदौर पूरे देश में स्वच्छता में नंबर वन आएगा, लेकिन मनीष सिंह के निगमायुक्त रहते हुए यह संभव हुआ। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ जनता को भी भरोसे में लिया, जिसका परिणाम है कि आज भी स्वच्छता में इंदौर का डंका पूरे देश में बज रहा है। मनीष सिंह ने इंदौर में स्वच्छता का एक कल्चर डेवलप कर दिया, जिसे सिर्फ आगे बढ़ाते रहने की जरूरत है।

कोरोना में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

जब कोरोना का पहला चरण पूरे देश को अपने लपेटे में ले रहा था, इंदौर में भी दहशत थी। लोग बीमार पड़ रहे थे, मौतें हो रही थी। ऐसे में मनीष सिंह को इंदौर कलेक्टर बनाकर भेजा गया और इसके बाद उन्होंने दिन-रात मोर्चा संभाल कर इंदौर की जनता को कोरोना के खौफ से उबारने में सफल रहे। लॉकडाउन के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं आए, इसका ध्यान रखा। फिर क्या था सफाई से लोगों के दिलों में घर बना चुके मनीष सिंह एक बार फिर जनता के हीरो बन चुके थे।

इंदौर में कई पदों पर रहे मनीष सिंह

मनीष सिंह के बारे में कहा जाता है कि भले ही उनकी पोस्टिंग कहीं भी हो, उनका मन इंदौर में ही लगा रहता है। उन्होंने एडीएम से लेकर निगमायुक्त, आईडीए सीईओ से लेकर एकेवीएन एमडी और कलेक्टर तक की भूमिका निभाई। इंदौर में मंडी सचिव भी रहे। हर बार पहले से बड़ी जिम्मेदारी लेकर ही वे इंदौर लौटे हैं। 1996-97 में राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर बने मनीष सिंह को 2009 में आईएएस अवॉर्ड हुआ। मनीष सिंह के बारे में कहा जाता है कि अपने कार्यकाल का आधा से अधिक समय तो उन्होंने इंदौर में ही बिताया।

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