
जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड बारिश और भूस्खलन ने मचाई भारी तबाही: 34 की हुई मौत, हजारों लोगों का रेस्क्यू
जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों की रिकॉर्ड बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सार्वजनिक ढांचे, घरों और पुलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर आपदा
श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग में भूस्खलन के चलते कई श्रद्धालुओं की मौत हुई। सुरक्षा कारणों से यात्रा बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रखी गई।
बचाव कार्य और सेना की तैनाती
सेना और एनडीआरएफ समेत तमाम एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। जम्मू संभाग में जलस्तर कुछ घटा है, लेकिन कश्मीर घाटी में झेलम नदी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
बाढ़ और बादल फटने की घटनाएं
- वारवान घाटी और किश्तवाड़ में बादल फटने से कई घर और फसलें तबाह हो गईं।
- अनंतनाग कोर्ट तक जज नाव से पहुंचे और न्यायिक कामकाज जारी रहा।
- लखनपुर माधोपुर बैराज के गेट टूटने से फंसे गेटमैन को हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया।
- लखनपुर में सीआरपीएफ कैंप बह गया, जहां से 22 जवानों समेत 25 लोगों को बचाया गया।
परिवहन और संचार प्रभावित
- जम्मू-पठानकोट हाईवे और कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवाजाही बाधित रही।
- 58 ट्रेनें रद्द और कई अन्य को बीच रास्ते पर रोकना पड़ा।
- जम्मू में 24 घंटे में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
- कई जिलों में संचार सेवाएं ठप रहीं।
मौसम विभाग का अलर्ट
- 28 से 29 अगस्त को जम्मू संभाग और दक्षिण कश्मीर में बारिश की संभावना।
- 30 अगस्त से 1 सितंबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान।
- 2 से 5 सितंबर तक मौसम में फिर उतार-चढ़ाव रहेगा।
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश और आपदाओं ने हजारों परिवारों को प्रभावित किया है, जबकि बचाव कार्य अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।



