
सूचना युद्ध में भारत का करारा वार: भारत विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने वाला पाकिस्तानी चैनल ‘एशिया वन’ ब्लॉक
भारत ने सूचना युद्ध के मोर्चे पर पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया है। भारत विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप में केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी डिजिटल न्यूज चैनल ‘एशिया वन’ को भारत में ब्लॉक कर दिया है। जांच में चैनल की रिपोर्ट पूरी तरह झूठी और भ्रामक पाई गई थी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में एशिया वन की एक रिपोर्ट को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने फैक्ट चेक कराया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रिपोर्ट का उद्देश्य तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था। इसके बाद आईटी कानून के तहत चैनल को ब्लॉक करने की कार्रवाई की गई।
एशिया वन चैनल को मई 2025 में भारत–पाकिस्तान तनाव के बाद लॉन्च किया गया था। पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान ने सूचना युद्ध के तहत इस प्लेटफॉर्म को खड़ा किया। चैनल खुद को एक “ग्लोबल न्यूज नेटवर्क” बताकर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
चैनल में विदेशी एंकर, हाई-प्रोफाइल प्रोडक्शन और कतर के अल जजीरा तथा तुर्की के टीआरटी वर्ल्ड जैसी प्रस्तुति अपनाई गई थी, ताकि विश्वसनीयता का भ्रम पैदा किया जा सके।
हालांकि, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हमले, बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ खबरें इस चैनल पर पूरी तरह गायब थीं।
जम्मू-कश्मीर, ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पार आतंकवाद जैसे मुद्दों पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना एशिया वन की नियमित कार्यशैली रही। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस चैनल के पीछे पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की सीधी भूमिका थी।
गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार ने एक दर्जन से ज्यादा पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों को भी ब्लॉक किया था। इसके साथ ही कई पाकिस्तानी पत्रकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी भारत में प्रतिबंध लगाया गया, जो अब तक जारी है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भारत के खिलाफ झूठी खबरें और दुष्प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



