केंद्रीय कैबिनेट के फैसले: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का विस्तार और जूट के एमएसपी में बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इन फैसलों की जानकारी दी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का विस्तार
केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
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पिछले 10 वर्षों में मिशन ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
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2021-2022 के बीच लगभग 12 लाख स्वास्थ्य कार्यकर्ता एनएचएम में शामिल हुए।
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कोविड-19 महामारी के दौरान इस मिशन ने भारत को मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में मिशन का विस्तार, देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करेगा।
कच्चे जूट का एमएसपी बढ़ा
कैबिनेट ने विपणन सत्र 2025-26 के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाकर 5,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया।
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यह वृद्धि पिछले एमएसपी से 6% (315 रुपये) अधिक है।
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2014-15 के 2,400 रुपये प्रति क्विंटल से अब तक 2.35 गुना वृद्धि हुई है।
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नया एमएसपी अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर 66.8% का लाभ सुनिश्चित करता है, जिससे जूट उत्पादकों को सीधा फायदा होगा।
सरकार की प्राथमिकता: किसानों और स्वास्थ्य पर ध्यान
पीयूष गोयल ने बताया कि ये फैसले देश के किसानों और स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
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जूट के एमएसपी में वृद्धि से जूट किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का विस्तार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और सशक्त बनाएगा।


