कांग्रेस का चुनाव आयोग पर हमला: वोट चोरी छिपा रहा है, पारदर्शिता से बच रहा है
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग पारदर्शी ढंग से काम नहीं कर रहा और वोट चोरी को छिपा रहा है। वहीं, चुनाव आयोग ने पलटवार करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों ने समय पर मतदाता सूची की जांच नहीं की, इसलिए अब बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने “बेशर्मी की सारी हदें पार” कर दी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आयोग पारदर्शिता चाहता है तो वह:
- राजनीतिक दलों को मशीन-पठनीय मतदाता सूची उपलब्ध क्यों नहीं कर रहा।
- पहले से अपलोड किए गए एसआईआर मसौदे के मशीन-पठनीय संस्करण क्यों हटा दिए।
- सीसीटीवी फुटेज केवल 45 दिनों में क्यों मिटा देता है।
- सुप्रीम कोर्ट में यह दलील क्यों देता है कि वह बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के तहत हटाए गए 65 लाख नामों की वजह बताने को बाध्य नहीं है।
उन्होंने आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने और धांधली को छिपाने का आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने कहा कि आयोग का प्रेस नोट यह साबित करता है कि वह वास्तव में पारदर्शिता नहीं चाहता और लोगों की चिंताओं की अनदेखी कर रहा है।

चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने समय रहते मतदाता सूची की जांच ही नहीं की। आयोग ने दावा किया कि वह खामियों को सुधारने के लिए तैयार है और दस्तावेजों की जांच का स्वागत करता है।
इस पूरे विवाद में कांग्रेस और आयोग आमने-सामने आ गए हैं, जबकि देश में मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है।




