सेंसेक्स 600 अंक गिरा, निफ्टी 23500 के नीचे फिसला

Date:

AI Audio Companion Ready to stream full article
0:00
0:00 left

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 600 अंक गिरकर 74,945 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट

बुधवार, 9 सितंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 584 अंक गिरकर 74,993.37 पर खुला। वहीं, निफ्टी 147.25 अंक की कमजोरी के साथ 23,487.85 के स्तर पर खुला।

निफ्टी 50 लगभग 150 अंक की गिरावट के साथ 23,472 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इसने 23,500 के अहम स्तर को तोड़ दिया।

आईटी सेक्टर पर सबसे बड़ा असर

आईटी सेक्टर को इस गिरावट में सबसे बड़ा झटका लगा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख आईटी कंपनियां जैसे इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी गिरावट देखी गई।

इन्फोसिस के शेयर 3% से 4.2% तक गिरे, जबकि एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में क्रमशः 3% और 2% से 3% की गिरावट हुई।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

गिरावट का प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रहा। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1.5% से अधिक बढ़कर लगभग 99.33–99.44 डॉलर प्रति बैरल हो गईं।

यह कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के करीब हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।

रुपये में कमजोरी

डॉलर की बढ़ती मांग और महंगे तेल के चलते भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर ₹94.83 के स्तर पर पहुंच गया।

इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जिससे आयात महंगा हो गया है।

बाजार पूंजीकरण में गिरावट

बाजार में इस गिरावट के कारण बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

यह स्थिति बाजार के निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

चुनिंदा शेयरों में बढ़त

हालांकि, कुछ शेयर जैसे सन फार्मा, एलएंडटी और कोटक महिंद्रा बैंक हरे निशान में ट्रेड कर रहे थे। इन शेयरों में निवेशकों ने भरोसा दिखाया।

इन कंपनियों के शेयरों की बढ़त ने बाजार में कुछ राहत प्रदान की।

Ardhendu Bhushan - Consulting Editor
Ardhendu Bhushan - Consulting Editorhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

ED रेड पर CM शिवकुमार का भाजपा पर वार, तीन नेताओं के नाम गिनाए

ED की छापेमारी पर CM शिवकुमार ने भाजपा पर हमला बोलते हुए तीन नेताओं के नाम दिए।

लाल किला धमाके में अल-कायदा कनेक्शन, उमर उन नबी पर NIA की चार्जशीट

लाल किला धमाके में अल-कायदा कनेक्शन का खुलासा, NIA की चार्जशीट के अनुसार उमर उन नबी ने डिजिटल किल गाइड से प्रशिक्षण लिया।

एमपी में MBBS इंटर्न्स की हड़ताल समाप्त, 21,500 रु स्टाइपेंड पर सहमति

एमपी में एमबीबीएस इंटर्न्स की हड़ताल समाप्त हो गई है और स्टाइपेंड को बढ़ाकर 21,500 रुपये कर दिया गया है।

भारत-अफगानिस्तान T20I सीरीज: 13-17 सितंबर को नई दिल्ली में मुकाबले

भारत-अफगानिस्तान टी20I सीरीज 13 से 17 सितंबर तक नई दिल्ली में होगी। श्रेयस अय्यर और इब्राहिम जादरान की कप्तानी में टीमें भिड़ेंगी।

कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली पर ED का शिकंजा, 18 ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक के PWD मंत्री सतीश जारकीहोली पर शिकंजा कसते हुए उनके 18 ठिकानों पर छापेमारी की है।

ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर पार: भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर

ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर के पार पहुंचने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे महंगाई और आयात बिल बढ़ने की संभावना है।

दुबई में MP को 53 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले

मध्य प्रदेश को दुबई में 53 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव मिला है। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को बल मिलने की संभावना है।

मध्यप्रदेश में स्पेशल ड्राइव: 3 दिन में 1554 केस, 974 आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश में स्पेशल ड्राइव के तहत 1554 मामलों में 974 आरोपियों की गिरफ्तारी। यह अभियान अपराध नियंत्रण के लिए था।

इंदौर मेट्रो: TBM ‘नर्मदा’ से भूमिगत निर्माण में तेजी

इंदौर मेट्रो के भूमिगत निर्माण में टीबीएम नर्मदा की लॉन्चिंग से तेजी आई है। मशीन की विशेषताएं और फायदे।

एमपी में एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड विवाद, कितनी जायज है मांग?

एमपी में MBBS इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग से स्वास्थ्य व्यवस्था पर नई बहस। इंटर्न ₹14,337 से ₹30,000 मासिक स्टाइपेंड चाहते हैं।