होर्मुज के पास टकराव तेज: जब्त ईरानी जहाज ‘टोस्का’ में  मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े दोहरे उपयोग वाले सामान की आशंका

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होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी जहाज ‘टोस्का’ को कब्जे में लेने के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि यह जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था और उस पर मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े दोहरे उपयोग वाले सामान होने की आशंका जताई गई है।

अमेरिकी पक्ष का दावा है कि जहाज पर मौजूद सामग्री का इस्तेमाल औद्योगिक और सैन्य—दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इसमें रसायन, धातु, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसी सामग्री हो सकती है, जिन्हें मिसाइल निर्माण में उपयोग किया जा सकता है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए निक्की हेली ने कहा कि जहाज को कई बार रुकने के आदेश दिए गए थे, लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चीन, ईरान को इस तरह के कार्यक्रमों में सहयोग दे रहा है।

जब्त किया गया ‘टोस्का’ ईरानी शिपिंग कंपनी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं। जहाज को ओमान की खाड़ी में चाबहार बंदरगाह के पास रोका गया।

दूसरी ओर, ईरान ने इस कार्रवाई को सशस्त्र समुद्री डकैती करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी थी । तेहरान का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इसके गंभीर परिणाम होंगे। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटाई जाती, वह इस्लामाबाद में प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा।

गौरतलब है कि अमेरिका पहले भी वर्ष 2019 में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स पर प्रतिबंध लगा चुका है। उस समय आरोप लगाया गया था कि यह नेटवर्क ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए सामग्री की आपूर्ति में शामिल रहा है।

Abhilash Shukla (Editor)
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नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास नहीं होने के कारण एक तरफ जहां भाजपा लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है, वहीं अब कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर इसे टालने का आरोप लगया। मंगलवार को जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पहले ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग कर चुके थे, लेकिन मोदी सरकार इस मुद्दे पर सोती रही। बाद में इसे परिसीमन से जोड़कर टालने की कोशिश की। 2017 में सोनिया गांधी ने पीएम को लिखा था पत्र कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर कहा कि वर्ष 2017 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा से पारित कराने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोकसभा में बहुमत का उपयोग कर सरकार इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराए। सोनिया गांधी ने अपने पत्र में लिखा था कि कांग्रेस पार्टी हमेशा इस कानून के समर्थन में रही है और आगे भी रहेगी, क्योंकि यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम होगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया था कि पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस ने की थी, जो बाद में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के रूप में लागू हुई। राहुल गांधी का भी एक पत्र किया शेयर जयराम रमेश ने राहुल गांधी का वह पुराना पत्र भी साझा किया, जिसमें उन्होंने संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री से सहयोग मांगा था। राहुल गांधी ने पत्र में लिखा था कि महिला आरक्षण बिल 9 मार्च 2010 को राज्यसभा से पारित हो चुका था, लेकिन उसके बाद लोकसभा में विभिन्न कारणों से अटका रहा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा था कि अगर सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गंभीर है, तो महिला आरक्षण बिल को बिना शर्त समर्थन देकर संसद के आगामी सत्र में पारित कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी थी कि और देरी होने पर अगले आम चुनाव से पहले इसे लागू करना मुश्किल हो जाएगा।