नारी शक्ति बिल के गुब्बारे में भाजपा ने थोड़ी ज्यादा ही भर दी थी हवा, इसीलिए फेल हो गए ‘चाणक्य’

Date:

आपको याद होगा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में अमित शाह को क्या कहा था? प्रियंका ने कहा था-गृह मंत्रीजी हंस रहे हैं। सारी तैयारी पहले से कर ली है। चाणक्य भी जिंदा होते तो आश्चर्य में पड़ जाते। प्रियंका के कहने का मतलब था कि पूरा विपक्ष आपकी चालाकी को समझ चुका है। और हुआ यही, इस बार विपक्ष ने चाणक्य की चालाकी चलने नहीं दी।

भले ही विपक्ष भाजपा पर इस बिल के माध्यम से अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का आरोप लगा रही है, लेकिन हम नहीं मानते। इसके बावजूद विपक्ष ही नहीं आम जनता के मन में यह सवाल है कि पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच ही संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस बिल को लाने की क्या जरूरत थी?

चलो यह भी मान लिया कि बिल लाना जरूरी था, फिर पूरे देश में नारी शक्ति वंदन कैंपेन क्यों चलाया जा रहा था। भाजपा हर जिले, गांव-कस्बे में यह आयोजन कर रही थी और सारे वरिष्ठ नेता नारी शक्ति बिल का गुणगान कर रहे थे। चुनाव सभाओं में भी इसका जमकर इस्तेमाल किया गया। विपक्ष यह भी सवाल उठा रहा था कि महिला आरक्षण विधेयक साल 2023 में ही पारित हो चुका है, फिर इसकी जरूरत क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह तक फुल कॉन्फिडेंस में थे कि इस बार यह बिल जरूर पास होगा। जब सारे हथियार फेल हो गए तो पीएम मोदी ने बिल पर मतदान से पहले एक अपील की-मैं सभी सांसदों से कहूंगा… आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए …। आप में से बहुतों को याद होगा कि पूर्व प्रधानमंत्री बीपी सिंह ने मंडल कमीशन के समय भी संसद में ऐसी ही अपील की थी, लेकिन विपक्ष सरकार की मंशा को समझ गया था और सरकार की हार हुई थी।

आपने महिला आरक्षण बिल की शर्त में लिखा कि आरक्षण तभी लागू होगा जब अगली जनगणना और उसके बाद सीटों का ‘परिसीमन’ होगा। कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के दलों ने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन करके एक राजनीतिक साजिश रचने की कोशिश कर रही है।

माना कि आप राजनीति के चाणक्य हैं, लेकिन यह भी सच है कि चाणक्य दोबारा पैदा नहीं हो सकते…

और यह भी सच है कि अगर आप चाणक्य जैसे भी होते तो इस बिल के गुब्बारे में इतनी हवा नहीं भरते…

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी कहने पर सियासी बवाल मचा हुआ है। इसी बीच शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने खड़गे का समर्थन किया है। राउत ने कहा कि पीएम मोदी जिस तरह ईडी, सीबीआई और पुलिस का डर दिखाकर विपक्ष को दबा रहे हैं, उसे ‘पॉलिटिकल टेररिज्म’ही कहा जाएगा। राउत ने कहा-मिसाइल की तरह संस्थाओं का इस्तेमाल -संजय राउत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं को मिसाइल की तरह इस्तेमाल कर रही है। -जो कोई डराता है, वह समाज में दहशत पैदा करता है। -महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में यही खेल चल रहा है। -इसी डराने की भाषा को दूसरे शब्दों में आतंकवाद कहा जाता है। राउत ने उठाए ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल -संजय राउत ने कहा कि पहलगाम में हिंदू पर्यटकों की हत्या के बाद सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। -अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आने के बाद पीएम मोदी पीछे हट गए। -राउत ने सवाल किया कि जिन आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या की, वे आज भी पाकिस्तान में सुरक्षित हैं। -सरकार ने उनके खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई की? राउत ने कहा विपक्ष को डरा रही सरकार -राउत ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। -उन्होंने कहा कि विधेयक मंजूर न होने के बावजूद भाजपा महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही है और विपक्ष को डरा रही है। -उन्होंने सवाल किया कि आप हमें धमकियाँ देने वाले कौन होते हैं? -लोकतंत्र में ‘परिणाम भुगतने’ की भाषा का कोई स्थान नहीं है।