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अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला: “डाटा चोरी की राजनीति कर रही है भाजपा, एजेंसियां बन गई हैं सहयोगी दल”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा डाटा चोरी की राजनीति करती है और इसमें ईडी, सीबीआई व इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां उसके सहयोगी दल की तरह काम कर रही हैं।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के चुनाव आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में करीब पांच करोड़ मतदाताओं का अंतर है, जबकि बीएलओ एक ही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की सरकार बनने जा रही है, इसी वजह से भाजपा बौखलाई हुई है।
सपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा का एजेंडा पूरी तरह सांप्रदायिक है। जब-जब भाजपा को अपनी कमजोरी महसूस होती है और वह जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाती, तब वह सांप्रदायिकता का सहारा लेती है। इसके विपरीत समाजवादी पार्टी विभाजन की राजनीति में विश्वास नहीं करती, बल्कि सभी को जोड़कर राजनीति करती है। इसी उद्देश्य से देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि विभाजन की राजनीति खत्म हो सके।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भाजपा से सीखने को बहुत कुछ है, क्योंकि वह सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राजनीति को पेशेवर तरीके से करती है। ऐसे में अगर भाजपा को हराना है, तो अन्य राजनीतिक दलों को भी उसी स्तर की पेशेवर तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि पांच साल पहले किसी ने नहीं सोचा था कि कोई पार्टी चुनाव के दौरान एजेंसियों के माध्यम से डाटा चोरी कर राजनीति करेगी।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा डाटा के आधार पर एक-एक बिंदु जोड़कर राजनीति करती है। इसलिए जो भी भाजपा को हराना चाहता है, उसे उसी स्तर की रणनीति बनानी होगी।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि योगी सरकार से ब्राह्मण नेता नाराज हैं। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ब्राह्मण विधायक कभी ‘लिट्टी-चोखा’ की पार्टी किया करते थे। हम इंतजार कर रहे हैं कि वे नेता कब खुलकर सामने आएंगे। कहीं ऐसा न हो कि सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले नेता अब प्रतिमा बनकर रह गए हों—जो न हिलते हैं, न बोलते हैं।



