INDORE–स्कीम नंबर 171 की सोसाइटी के पीड़ितों ने दिया मुख्यमंत्री, संभागायुक्त को धन्यवाद

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इंदौर। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने लोक निर्माण विभाग के तीन अफसरों को मंगलवार को रिश्वत लेते पकड़ा। पकड़े गए अधिकारियों के नाम जयदेव गौतम (कार्यपालन यंत्री, संभाग-1, इंदौर), टीके जैन (अनुविभागीय अधिकारी, पीडब्ल्यूडी संभाग-1) और अंशु दुबे (उपयंत्री, संभाग-1, इंदौर) हैं। लोकायुक्त टीम ने आरोपी जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास से 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है, जबकि टीके जैन को कार्यालय परिसर के पोर्च के नीचे से 1 लाख रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। आरोपी अंशु दुबे ने भी एक लाख रुपए की मांग की थी, लेकिन कम राशि उपलब्ध होने के कारण उसने रकम नहीं ली। इस प्रकार कुल 2.50 लाख रुपए की राशि जब्त की गई है। धार के ठेकेदार ने की थी शिकायत लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से इसकी शिकायत पटेल इंटरप्राइजेस संचालक राजपाल सिंह पंवार ने की थी। वे एक शासकीय ठेकेदार हैं। आवेदक पटेल इंटरप्राईजेस धार का संचालक है एवं शासकीय ठेकेदार है। आवेदक की फर्म द्वारा वर्ष 2023 में पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर मैथवाडा-फारेलेन पहुंच मार्ग का कार्य 4,73,35,000/- रु. में लिया था। फर्म द्वारा उक्त कार्य 4, 51,72,101/-86. में पूर्ण किया गया था। आवेदक की फर्म द्वारा किये गये कार्य के अंतिम बिल का भुगतान करने के एवज में आरोपी जयदेव गौतम द्वारा 1, 50000/- 2  आरोपी टी. के. जैन द्वारा 100000 एवं आरोपी 3 अंशु दुबे द्वारा 100000 कुल 3 ,50,000 रुपए रिश्वत की मांग की गई।  सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद मंगलवार 21 अप्रैल को ट्रैप दल गठित कर कार्रवाई की गई। ट्रैप दल ने छापा मार कर बरामद किए रुपए ट्रैप दल में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रआर विवेक मिश्रा, आशीष शुक्ला, आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक चन्द्रमोहन बिष्ट, आरक्षक आशीष नायडू, आशीष आर्य, अनिल परमार, आरक्षक कृष्णा अहिरवार शामिल थे। ट्रैप दल ने जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास पर आवेदक से 1,50,000 रुपए एवं टी.के. जैन को कार्यालय अनुविभगीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग के पोर्च के नीचे से आवेदक के प्रतिनिधि से 1 ,00,000 रुपए रिश्वत राशि लेते हुये रंगेहाथों पकड़ा। अंशु दुबे द्वारा मांग की गई रिश्वत की राशि कम होने से आवेदक के प्रतिनिधि से उसने राशि नहीं ली। आरोपीगण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61(2) बीएनएस 2023 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।