नई दिल्ली। संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष रक्षा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन महादेव में सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिब्रान, तीन आतंकवादी सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए। सुलेमान लश्कर ए तैयबा का कमांडर था। पहगाम हमले में और गगनगीर आतंकी हमले में सुलेमान शामिल था। इसके कई सबूत हमारी एजेंसियों के पास हैं। इसी के साथ ही अफगान लश्कर ए तैयबा का आतंकवादी था और जिब्रान भी आतंकवादी था।
शाह ने कहा कि पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों की ओर से जो हमला किया गया, उसके जवाब में देश के प्रधानमंत्री ने जो दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय कराते हुए ऑपरेशन सिंदूर की इजाजत दी। शाह ने कहा कि धर्म पूछकर पहलगाम में लोगों को मारा गया, इसकी मैं घोर निंदा करता हूं और पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त करता हूं। ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान के ठिकाने तबाह किए गए।
गृहमंत्री ने कहा कि पूरे देश को बताना चाहता हूं, जिन्होंने बैसरण घाटी में हमारे नागरिकों को मारा था, उनमें ये तीनों आतंकवादी शामिल थे और ये तीनों मारे गए। सेना के पैरा फोर सीआरपीएफ के जवान अभियान में शामिल थे और जम्मू कश्मीर पुलिस को सदन की ओर धन्यवाद देना चाहता हूं। आईबी और सेना की ओर से आतंकियों की उपस्थिति की पुख्ता जानकारी के लिए 22 मई से 22 जुलाई, 2025 तक लगातार प्रयास किए गए। फिर 22 जुलाई को सेना को सफलता मिली और सेंसर की मदद से आतंकियों की उपस्थिति की जानकारी मिल गई। तब देश की सेना और पुलिस ने एक साथ आतंकियों को घेरने का काम किया और ऑपरेशन महादेव को सफल तक तीनों आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया।
कांग्रेस की गलती है पाकिस्तान
संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान कांग्रेस की गलती है। अगर उन्होंने विभाजन स्वीकार नहीं किया होता, तो


