मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नेतन्याहू ने ईरान पर जवाबी कार्रवाई के अपने अंतिम फैसले की जानकारी ट्रंप को आखिरी समय तक नहीं दी। इससे दोनों नेताओं के बीच हुई अहम बातचीत बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई।
👉 यह भी पढ़ें:
- UNSC में भारत का पाकिस्तान पर बड़ा हमला! ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ नैरेटिव की खोली पोल, क्या दुनिया के सामने बेनकाब हुआ पाकिस्तान?
- Jantar Mantar Protest पर सियासी संग्राम! मनीष सिसोदिया का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- ‘युवाओं की आवाज से क्यों घबरा गई कांग्रेस?’
- Abhishek Banerjee Attack Row: ‘जो हुआ, गलत हुआ लेकिन जिम्मेदार कौन?’ मंत्री अग्निमित्रा पॉल के बयान से बंगाल की राजनीति में नया बवाल
- Abhishek Banerjee Attack Case: हमले के बाद बड़ा एक्शन! 5 आरोपी गिरफ्तार, बंगाल की राजनीति में मचा तूफान
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने नेतन्याहू को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हालात और बिगड़े तो इजराइल को ईरान के खिलाफ अकेले मोर्चा संभालना पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजराइली हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनने लगे। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने इजराइली हमले के दायरे को सीमित कराने में अहम भूमिका निभाई।
अब सवाल यह है कि क्या मध्य पूर्व एक बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है या कूटनीति आखिरी समय में हालात संभाल लेगी?


