TMC के बागी सांसदों पर भड़के कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद, सुना दी खरी-खरी

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नई दिल्ली। टीएमसी के बागी सांसदों पर कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने जमकर अपना गुस्सा निकाला है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब बीजेपी के इशारे पर हो रहा है.। उन्होंने बागी सांसदों को ‘गद्दार’ और ‘भगोड़ा’ तक कह दिया। कल्याण बनर्जी ने कहा कि बागी सांसद सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं, उनको बंगला, गाड़ी और सुरक्षा चाहिए, इसलिए यह सब कर रहे हैं।

कीर्ति आजाद ने बताया गद्दार

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि हमारे 29 नेता ‘मां, माटी और मानुष’ के नाम पर चुनाव जीते और सांसद बने। मैं इन ‘गद्दारों’ से जानना चाहता हूं कि चुनाव के बाद आपने अपनी परेशानियों के बारे में क्यों बात की, पहले क्यों नहीं? शुखेन्दु शेखर रॉय में कम से कम इतनी राजनीतिक नैतिकता तो थी कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया। अगर आप में भी राजनीतिक नैतिकता है तो आप सब भी इस्तीफा दे दें और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें।

अब पीएम मोदी उनके नेता बन गए

कीर्ति आजाद ने बागी गुट के स्पीकर को चिट्ठी देने को लेकर कहा कि काकोली घोष जिस चिट्ठी की बात कर रही हैं, वो अब तक किसी के सामने नहीं आ रही। लोकसभा स्पीकर ऑफिस का भी कहना है कि कोई चिट्ठी नहीं मिली, लेकिन जिस तरह से ये लोग भूपेंद्र यादव (बीजेपी सांसद) के घर गये, उससे साबित हो गया कि वो बीजेपी के साथ मिल गए। कितने मिले, कैसे मिले, ये सब नहीं कह सकते लेकिन अब उनके नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बन गये हैं, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी उनकी नेता नहीं रहीं।

सब कुछ भाजपा के इशारे पर हो रहा

टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘काकोली ने कहा था कि वह पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रही हैं, अगर सब पदों से इस्तीफा दे दिया तो वो व्हिप कैसे हो सकती हैं? व्हिप पार्टी तय करती है। वो जो कर रहे हैं वो पार्टी विरोधी एक्टिविटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वो ये सब पीएम मोदी और बीजेपी नेताओं के इशारे पर ऐसा कर रहे हैं।

कल्याण बनर्जी ने कहा-भाजपा में विलय करना होगा

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि आपके (भाजपा) पास मुख्यमंत्री, ईडी, सीबीआई और अन्य शक्तियां हैं, लेकिन मेरे पास ‘मां, माटी, मानुष’, मेरी पार्टी, मेरे पार्टी कार्यकर्ता और पश्चिम बंगाल की जनता है। टीएमसी नेता ने कहा, ‘बागी गुट के पास 20-21-22-23 कितने भी सांसद क्यों न हो अगर उनको संविधान के 10वे शेड्यूल के तहत दल बदल से बचना है तो उनको बीजेपी में विलय करना होगा।

काकोली घोष ने कहा-मैंने बहुत सह लिया

टीएमसी की बागी गुट की नेता और लोकसभा सांसद काकोली घोष का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर मौकापरस्ती के लगने वाले आरोपों का जवाब दिया। घोष ने बताया कि टीएमसी से अलग होने का उनका फैसला पश्चिम बंगाल में पार्टी की मौजूदा स्थिति और गवर्नेंस संबंधी मुद्दों से गहरी असंतुष्टि के कारण है। उन्होंने बंगाल के लिए अपनी दशकों पुरानी जिम्मेदारी और एक स्वतंत्र रास्ते को अपनाने के अपने संकल्प पर जोर दिया और पश्चिम बंगाल में ‘कुप्रशासन, अराजकता और बेरोजगारी’ को दूरियों की प्रमुख वजह बताया। अवसरवादिता के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं। मैंने बहुत सह लिया। मैं 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यहां नहीं आई, मैं यहां 40 वर्षों से संघर्ष कर रही हूं और जैसा कि मैंने कहा ऐसे लोगों के शब्दों का मुझ पर बिल्कुल भी असर नहीं होता।

Ardhendu Bhushan
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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