नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप से लगातार हो रही मौतों के बाद अब केंद्र सरकार की नींद खुल गई है। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने देश भर में सभी कफ सिरप निर्माताओं के अनुपालन, क्वालिटी और सेफ्टी स्टैंडर्ड का आकलन करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी ऑडिट और निरीक्षण अभियान शुरू किया है।
सीडीएससीओ कफ सिरप निर्माण पर नजर रखने के लिए एक मजबूत प्रणाली तैयार करेगा। इसके लिए सभी राज्यों को ऑडिट के लिए कफ सिरप निर्माण कंपनियों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। सीडीएससीओ ने कफ सिरप निर्माताओं के परीक्षण, निरीक्षण और ऑडिट के लिए पूरे देश में अभियान शुरू किया है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सीडीएससीओ के सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश में केंद्रीय और राज्य औषधि नियामकों द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में 19 सिरप के सैंपल लिए गए थे। इनमें से तीन डीईजी क्वालिटी टेस्ट में फेल रहे। रिपोर्ट के अनुसार रेस्पिफ्रेश, रीलाइफ और कोल्ड्रिफ में डीईजी पाया गया। उन्होंने आगे कहा कि हमने सैंपल को आपस में बंट लिया। हमारी तरफ से टेस्ट किए गए सभी छह सैंपल में डीईजी नहीं था, लेकिन उसी शाम तमिलनाडु एफडीए ने डीईजी पाया। बाद में मध्य प्रदेश एफडीए ने उसी बैच में डीईजी की पुष्टि की।
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