तीनों सेनाओं की ताकत बढ़ेगी: रक्षा खरीद परिषद ने ₹67,000 करोड़ के रक्षा सौदों को दी मंजूरी
थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए उन्नत हथियार व सिस्टम की खरीद पर मुहर
👉 यह भी पढ़ें:
- समुद्र में भारत की बढ़ी ताकत: अत्याधुनिक गश्ती पोत ‘अचल’ तटरक्षक बेड़े में शामिल
- हिंद महासागर से गूंजी भारत की ताकत, लंबी दूरी की परमाणु मिसाइल परीक्षण से दुनिया सतर्क
- पश्चिम एशिया तनाव का असर: महंगा हो सकता है हवाई सफर, ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत
- 2035 तक बढ़ सकता है बड़ा खतरा: कई देश बना रहे हैं नई घातक मिसाइलें
रक्षा खरीद परिषद ने तीनों सेनाओं की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए ₹67,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा उपकरणों और हथियारों की खरीद संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
थलसेना को मिलेगा थर्मल इमेजर, रात्रि ऑपरेशन क्षमता में इजाफा
सेना की रात्रि इन्फैंट्री (नाइट विजन) क्षमता को और बेहतर करने के लिए उन्नत थर्मल इमेजर की खरीद को हरी झंडी दी गई है, जिससे सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में संचालन में सुविधा होगी।
नौसेना के लिए ब्रह्मोस और बराक-1 सिस्टम का होगा उन्नयन
भारतीय नौसेना के लिए ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर की खरीद के साथ-साथ बराक-1 पाइंट डिफेंस मिसाइल सिस्टम को भी अपग्रेड किया जाएगा, जिससे जल सीमाओं की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
वायुसेना को मिलेगा एयर डिफेंस रडार और MALE RPA
भारतीय वायुसेना की एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करने के लिए उन्नत रडार प्रणाली की खरीद का भी प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। साथ ही, मध्यम ऊंचाई वाले लंबी दूरी के रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (MALE RPA) की खरीद भी की जाएगी, जो बदलते युद्ध के आयामों के अनुरूप रणनीतिक रूप से अहम साबित होंगे।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा
इन प्रस्तावों के जरिए ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी बल मिलेगा, क्योंकि अधिकांश उपकरणों और प्रणालियों की स्थानीय स्तर पर डिजाइन, विकास और निर्माण पर जोर दिया गया है।


