इटा नगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवरात्रि के पहले दिन सोमवार को अरुणाचल प्रदेश पहुंचे। पीएम मोदी ने यहां पर 5,125.37 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का अनावरण किया। पीएम मोदी ने ईटानगर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नॉर्थ–ईस्ट के राज्य हमारे लिए अष्ठलक्ष्मी हैं।जैसा तिरंगे का पहला रंग केसरिया है, वैसा ही अरुणाचल का पहला रंग केसरिया है। यह भूमि वीरता की भूमि है।
पीएम मोदी ने कहा कि अरुणाचल की मेरी यात्रा विशेष बन गई है। नवरात्रि के पहले दिन मुझे इतने खूबसूरत पहाड़ देखने को मिले। आज अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो गए हैं। जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो गया है। पीएम ने कहा कि दशकों पहले की दिल्ली सरकार ने अरुणाचल प्रदेश और उसके लोगों की उपेक्षा की। कांग्रेस जैसी पार्टियों को लगता था कि अरुणाचल प्रदेश में बहुत कम लोग रहते हैं, वहां सिर्फ 2 लोकसभा सीटें हैं, तो इस राज्य पर ध्यान क्यों दिया जाए? पूरा पूर्वोत्तर विकास में पिछड़ रहा था, हमारी प्रेरणा वोटों और सीटों की संख्या नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम का विचार है। हमारा एकमात्र मंत्र ‘नागरिक देवो भवः है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम आठ पूर्वोत्तर राज्यों की पूजा अष्टलक्ष्मी‘ के रूप में करते हैं।
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अरुणाचल में विकास की किरण देर से पहुंची
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में जब आपने मुझे सेवा का मौका दिया, तब मैंने कांग्रेस की सोच से देश को मुक्ति दिलाने की ठान ली। हमारी प्रेरणा किसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं, नेशन फर्स्ट की भावना है। कांग्रेस की एक पुरानी आदत है कि विकास का जो भी काम मुश्किल होता है, उस काम को वह कभी हाथ ही नहीं लगाती। कांग्रेस की इस आदत से नॉर्थ ईस्ट को बहुत नुकसान हुआ। जहां विकास कार्य करना चुनौती होता था, उसे कांग्रेस पिछड़ा घोषित कर भूल जाती थी। जो सीमा से सटे गांव थे, उन्हें लास्ट विलेज कहकर पल्ला झाड़ लेती थी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे अरुणाचल प्रदेश में वैसे तो सूर्य की किरण सबसे पहले आती हैं, लेकिन दुर्भाग्य से यहां विकास की किरण आते–आते कई दशक लग गए।


