भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी मंगलवार शाम को रद्द कर दी गई। इसके बाद भोपाल से लेकर दिल्ली तक हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस ने दिल्ली तथा भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना दिया। दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय के बाहर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता धरने पर बैठ गए और पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र पर हमला बताया है।
नामांकन रद्द होने के बाद केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने शाम साढ़े सात बजे चुनाव आयोग से मिलने के लिए समय मांगा था। इसी बैठक के सिलसिले में जयराम रमेश वहां पहुंचे थे, लेकिन एंट्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जयराम रमेश के साथ केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, सचिन पायलट समेत अन्य नेता भी वहां पहुंचे। उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना दे दिया।
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जयराम रमेश ने कहा-याचिका नहीं सौंपने दी
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को निर्वाचन आयोग में याचिका सौंपने के दौरान रोका गया। रमेश ने कहा कि वह सिर्फ अपनी याचिका सौंपने आए थे। लेकिन उन्हें प्रतीक्षा कक्ष (वेटिंग रूम) में बैठने तक की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि वह 35 वर्षों से अधिक समय से सांसद रहे हैं और उन्हें 10 मिनट से ज्यादा इंतजार कराया गया। उन्होंने इस व्यवहार को अनुचित बताते हुए कहा कि ऐसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह लोकतंत्र का बुनियादी मामला है और जब तक उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक वे वहीं बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा कि वहां पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद मौजूद हैं, फिर भी उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
सचिन पायलट ने कहा-कोई मिलने को तैयार नहीं
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, जिस सीट पर कांग्रेस जीतने की उम्मीद कर रही थी, उसी सीट के लिए उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग में कोई अधिकारी मिलने के लिए तैयार नहीं है और यह कहा जा रहा है कि वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं है।
मीनाक्षी नटराजन ने सीट चोरी का लगाया आरोप
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि सदस्यों की संख्या पूरी नहीं होते हुए भी जब बीजेपी ने तीसरा प्रत्याशी उतारा तब ही समझ आ गया था कि बीजेपी सीट चोरी करने जा रही है। आज वोट चोरी के बाद स्पष्ट हो गया कि सीट चोरी भी बीजेपी कर रही है। जब उन्हें दिखा कि कांग्रेस में तो एकता है तो फिर एक लीगल नोटिस के आधार पर शिकायत की। इससे स्पष्ट है कि बीजेपी की नीति क्या है. लोकतंत्र के लिए राहुल गांधी लड़ाई लड़ रहे हैं।
भोपाल में भी कांग्रेस ने दिया धरना
कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर चुनाव आयोग तक मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कई वरिष्ठ नेता, विधायक और संगठन पदाधिकारी शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।


