भारतीय नौसेना को मिलेगा आईएनएस तुशिल: नई पीढ़ी का उन्नत युद्धपोत
भारतीय नौसेना अपने नवीनतम मल्टी-रोल स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तुशिल को 9 दिसंबर को रूस के कालिनिनग्राद में एक औपचारिक समारोह में शामिल करेगी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे।
आईएनएस तुशिल: प्रोजेक्ट 1135.6 के तहत उन्नत फ्रिगेट
आईएनएस तुशिल, उन्नत क्रिवाक III श्रेणी का युद्धपोत है, जो भारतीय नौसेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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यह प्रोजेक्ट 1135.6 का सातवां और दो अतिरिक्त उन्नत फॉलो-ऑन जहाजों में से पहला है।
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इससे पहले भारतीय नौसेना के पास इस श्रेणी के छह जहाज (तलवार और तेग श्रेणी) सेवा में हैं।

तकनीकी विशेषताएं:
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आयाम:
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लंबाई: 409.5 फीट
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चौड़ाई (बीम): 49.10 फीट
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ड्रॉट: 13.9 फीट
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गति और संचालन क्षमता:
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अधिकतम गति: 59 किमी/घंटा
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समुद्र में 30 दिनों तक संचालन की क्षमता
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क्रू: 18 अधिकारी और 180 सैनिक
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हथियार और उपकरण:
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नेवल गन:
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100 मिमी ए-190ई नेवल गन
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76 मिमी ओटो मेलारा गन
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2 एके-630 CIWS और 2 काश्तान CIWS गन
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टॉरपीडो और रॉकेट लॉन्चर:
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दो 533 मिमी टॉरपीडो ट्यूब्स
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रॉकेट लॉन्चर
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डिकॉय लॉन्चर:
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4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर
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एयरक्राफ्ट हैंगर:
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इसमें एक कामोव-28, कामोव-31, या ध्रुव हेलिकॉप्टर तैनात किया जा सकता है।
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इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम:
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उन्नत तकनीक से लैस यह जहाज दुश्मन के हमलों से बचाव और निगरानी में सक्षम है।
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उत्पत्ति और निर्माण:
आईएनएस तुशिल का निर्माण रूस के यंतर शिपयार्ड, कालिनिनग्राद में हुआ है। इसका अनुबंध 2016 में जेएससी रोसोबोरोनेक्सपोर्ट, भारतीय नौसेना और भारत सरकार के बीच किया गया था।
महत्व:
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आईएनएस तुशिल के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, स्टील्थ क्षमताएं, और रणनीतिक संचालन में वृद्धि होगी।
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यह युद्धपोत भारत-रूस के रक्षा संबंधों की मजबूती का प्रतीक है।


