नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की वापसी हो रही है। वापसी से पहले उन्होंने कहा कि यह एक अविश्वसनीय यात्रा रही। यह एक जादू की तरह महसूस हुई। अंतरिक्ष से आज का भारत महत्वाकांक्षी, निडर, आत्मविश्वासी और गर्व से भरा हुआ दिखता है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष से आज भी भारत सारे जहां से अच्छा दिखता है। यह शब्द 1984 अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने कहे थे।
शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचने वाले भारत के पहले और अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। शुभांशु शुक्ला ने अब तक अंतरिक्ष में 18 दिन बिताए हैं, जहां वे प्रतिदिन 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त देख रहे थे। आईएसएस पृथ्वी से लगभग 400 किमी ऊपर 28,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से घूमता है। शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए आयोजित विदाई समारोह में बोल रहे थे। अंतरिक्ष यात्री सोमवार को पृथ्वी पर वापसी की यात्रा शुरू करने वाले हैं। 26 जून से शुरू हुए ISS प्रवास के बारे में शुभांशु ने कहा कि यह मुझे जादू सा लगता है। यह मेरे लिए एक शानदार यात्रा रही है।
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