प्रधानमंत्री Narendra Modi अगले सप्ताह तीन देशों के महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरान वे इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे। खास बात यह है कि यह प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री Christopher Luxon ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर इस यात्रा की पुष्टि करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और न्यूजीलैंड की आर्थिक प्रगति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है।
👉 यह भी पढ़ें:
- BRICS शिखर सम्मेलन 2026: PM मोदी की 15 द्विपक्षीय बैठकें और 10 बड़े फैसले
- BRICS के 20 साल: पीएम मोदी ने बताया कैसे 4 देशों से बढ़ा 21 देशों का परिवार
- PM मोदी का बड़ा सवाल: क्या अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ‘फोर्थ-पार्टी ऑडिट’ की जरूरत?
- 80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का संदेश: शहीदों को नमन, विकसित भारत का संकल्प
- राहुल गांधी की विदेश नीति वाली टिप्पणी पर घमासान: राजनाथ सिंह के बयान से गरमाई सियासत
- राहुल गांधी की ‘हग डिप्लोमेसी’ वाली नकल पर सियासी घमासान, मेलोनी के जिक्र से बढ़ा विवाद

क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि अप्रैल में हुए न्यूज़ीलैंड-भारत मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) के बाद दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं। उनके मुताबिक, इस समझौते से न्यूजीलैंड में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निर्यात बढ़ेगा और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। साथ ही, 1.4 अरब से अधिक आबादी वाले भारतीय बाजार में न्यूजीलैंड के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, जिससे दोनों देशों को आर्थिक लाभ होगा।
इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 8 और 9 जुलाई को Indonesia की राजधानी Jakarta में अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 10 जुलाई को वे Melbourne, Australia जाएंगे और 11 जुलाई को New Zealand पहुंचेंगे, जहां कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
यह दौरा भारत की Indo-Pacific Strategy, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आपकी राय:
क्या प्रधानमंत्री मोदी का यह तीन देशों का दौरा भारत के व्यापार, निवेश और वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव को नई मजबूती देगा? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।



